महाराष्ट्र के कई हिस्सों में लंबे समय से बारिश नहीं होने से फसलों को नुकसान पहुंचने के बीच प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने किसानों के लिए प्रति हेक्टेयर 1 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और पूरी कर्जमाफी की मांग की है। सपकाल ने रविवार को बुलढाणा जिले के खेतों का दौरा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि फसलें खराब हो रही हैं, लेकिन सरकार मदद के फैसले में देरी कर रही है। उनके मुताबिक किसानों को तत्काल राहत की जरूरत है।
खेतों में खड़ी फसल सूखने का दावा
सपकाल ने कहा कि राज्य के कई हिस्सों में बारिश की कमी के कारण खेतों में खड़ी फसल सूख रही है। उन्होंने सरकार पर बैठकें और चर्चा करते रहने के कारण राहत देने में देरी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि संकट झेल रहे किसानों की मदद के लिए किसी खास तारीख या मौके का इंतजार नहीं किया जाना चाहिए।
20 एकड़ सोयाबीन नष्ट करने का दावा
कांग्रेस नेता ने दावा किया कि बुलढाणा के एक युवा किसान ने बारिश की कमी से खराब हुई 20 एकड़ सोयाबीन की फसल नष्ट करने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि किसान ने मुख्यमंत्री और मंत्रियों से खेत का निरीक्षण करने की अपील भी की थी, लेकिन उनके मुताबिक कोई वहां नहीं पहुंचा। सपकाल ने कहा कि सूखे के मुद्दे को राजनीतिक मामला बनाने के बजाय किसानों की परेशानी को गंभीरता से लेना चाहिए।
कर्जमाफी से सभी किसानों को फायदा नहीं मिलने का आरोप
सपकाल ने राज्य सरकार की कर्जमाफी योजना पर भी सवाल उठाए। उन्होंने बुलढाणा के एक गांव का उदाहरण देते हुए दावा किया कि पहली सूची में केवल दो किसानों के नाम आए और दूसरी सूची में एक किसान का नाम था। उनके मुताबिक एक किसान को सिर्फ 40 हजार रुपये की राशि मिली। उन्होंने सरकार से मांग की कि कर्जमाफी का लाभ ज्यादा से ज्यादा पात्र किसानों तक पहुंचाया जाए।
शक्तिपीठ एक्सप्रेसवे का पैसा किसानों को देने की मांग
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने शक्तिपीठ एक्सप्रेसवे के लिए प्रस्तावित धन को किसानों की मदद में लगाने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि सूखे से प्रभावित किसानों को तत्काल आर्थिक राहत दी जानी चाहिए।
आंदोलन तेज करने की चेतावनी
सपकाल ने बताया कि कांग्रेस की ओर से इस मुद्दे पर कई गांवों में सत्याग्रह और प्रदर्शन किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने तुरंत राहत की घोषणा नहीं की तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
सरकार ने 5 अक्टूबर के बाद फसल नुकसान के आकलन की बात कही
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पिछले सप्ताह कहा था कि सरकार 5 अक्टूबर के बाद फसल नुकसान का सर्वेक्षण कराएगी। उन्होंने यह भी कहा था कि केंद्र से राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया कोष (NDRF) की सहायता का इंतजार किए बिना राज्य अपने स्तर पर किसानों को राहत देने के कदम उठाएगा। महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में बारिश की कमी के बीच सूखा घोषित करने और किसानों को तत्काल सहायता देने की मांग लगातार उठ रही है।
किसानों से चरम कदम नहीं उठाने की अपील
सपकाल ने संकट से गुजर रहे किसानों से आत्महत्या जैसे कदम नहीं उठाने की अपील की। उन्होंने सरकार से जल्द राहत देने और किसानों की आर्थिक परेशानी कम करने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की।
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