विज्ञापन
Home› Khabar Junction› List Of Works Under Vb G Ram G Expanded 375 Projects Finalized Ranging From Cold Storage And Agro Processing

VB-G RAM G में अब 375 काम: रोजगार योजना में कोल्ड स्टोरेज व एग्रो-प्रोसेसिंग यूनिट से मशरूम शेड तक होंगे शामिल

गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली Published by: Devesh Saraswat Updated Tue, 06 Oct 2026 04:52 PM IST
सार

  • केंद्र ने ग्रामीण रोजगार कार्यक्रम के तहत अब 375 तरह के कामों को मंजूरी दी है, जो पहले 266 थे।
  • नए प्रावधानों में बाढ़, सूखा, चक्रवात, भूस्खलन और जंगल की आग जैसी आपदाओं से बचाव के काम भी शामिल किए गए हैं।
  • आजीविका से जुड़े कामों में एग्रो-प्रोसेसिंग, पैकेजिंग, कोल्ड स्टोरेज, डेयरी और मशरूम शेड जैसी सुविधाएं बनाई जा सकेंगी।

ग्रामीण रोजगार योजना के तहत मंजूर कार्यों की सूची में 41 प्रतिशत का उछाल।
ग्रामीण रोजगार योजना के तहत मंजूर कार्यों की सूची में 41 प्रतिशत का उछाल। - फोटो : AI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

केंद्र सरकार ने नई ग्रामीण रोजगार योजना VB-G RAM G के तहत मंजूर कार्यों की सूची में बढ़ोतरी करने का फैसला लिया है। नई सूची में पहली बार खराब मौसम और आपदा से निपटने के लिए एक अलग श्रेणी बनाई गई है, जिसमें बाढ़ राहत आश्रय बनाना, तटबंधों को मजबूत करना, बाढ़ सुरक्षा ढांचे तैयार करना और आपदाओं के बाद ग्रामीण सड़कों की मरम्मत जैसे काम शामिल है। इसके अलावा जंगल की आग से बचाव, सूखे, चक्रवात और  भूस्खलन जैसे मोर्चो पर निपटने से जुडे काम भी सूची में जोड़े गए हैं।

मनरेगा के मुकाबले कार्यों में 41 प्रतिशत की बढ़त
पुरानी मनरेगा योजना के तहत मंजूर होने वाले कार्यों की संख्या 266 थी, जो VB-G RAM G के तहत 41 प्रतिशत बढ़कर 375 हो गई है। नई योजना में ग्रामीण परिवारों को 125 दिन रोजगार की गारंटी का प्रावधान है, मनरेगा में यह आंकड़ा 100 था।

चार श्रेणियों में बंटे काम, जल सुरक्षा सबसे बड़ी श्रेणी
केंद्र सरकार ने सभी 375 मंजूर कार्यों को चार श्रेणियों में बांटा है, जिसमें जल सुरक्षा, मुख्य ग्रामीण बुनियादी ढांचा, आजीविका से जुड़ा बुनियादी ढांचा और आपदा प्रबंधन शामिल है। इन श्रेणियों में सबसे ज्यादा 128 कार्य जल सुरक्षा श्रेणी के तहत हैं। जल सुरक्षा के तहत चेक डैम, भूमिगत डाइक, नदियों व जल निकायों का पुनरुद्धार, ड्रिप व स्प्रिंकलर सिंचाई और बारिश का पानी सहेजना शामिल है।  मंत्रालय के मुताबिक, पानी बचाने के लिए आइस स्तूप और कृत्रिम ग्लेशियर बनाने जैसे काम भी किए जा सकेंगे।
  
सड़क पर सोलर लाइट से पुस्तकालय तक बनेंगे
मुख्य ग्रामीण बुनियादी ढांचे वाली श्रेणी में 111 कामों को जगह दी गई है, जिसमें  सड़क पर सौर उर्जा पर चलने वाली लाइट लगाने, गंदे पानी के उपचार की यूनिट, ग्रामीण पुस्तकालय, पशु चिकित्सा और स्वास्थ्य केंद्र, सरकारी स्कूलों में नए कमरे और जल जीवन मिशन के तहत पानी की आपूर्ति के ढांचे की मरम्मत जैसे काम शामिल हैं।

गांव में प्रसंस्करण इकाइयां के निर्माण का रास्ता खुला, किसानों को लाभ
आजीविका से जुड़े बुनियादी ढांचे में कुल 98 कामों को शामिल किया गया है, जिसका लाभ किसानों को हो सकता है। इसके तहत कृषि-प्रसंस्करण इकाइयां, कोल्ड स्टोरेज, मिनी आटा मिल, डेयरी से जुड़े ढांचे, मशरूम और रेशम की खेती के लिए शेड बनाना शामिल है। गांव में प्रसंस्करण सुविधा मिलने से किसान अपनी फसल का भाव बढ़ा सकेंगे।  ग्रामीण विकास मंत्रालय के मुताबिक, पुरानी व्यवस्था में आजीविका से जुड़े कामों की हिस्सेदारी मात्र 1.1 प्रतिशत थी, जो अब बढ़कर कुल कार्यों का 26 प्रतिशत हो गई है।

खेती, महिलाओं और कमजोर परिवारों पर विशेष ध्यान
कुल 375 कार्यों में से 181 काम खेती और उससे जुड़े क्षेत्रों के रूप में वर्गीकृत किए गए हैं। वहीं, अंत्योदय और कमजोर परिवारों के लिए 107 कामों का चुनाव किया गया है, जिनमें आवास, स्वच्छता, सिंचाई और पशुओं के लिए आश्रय (शेड) जैसी सुविधाएं शामिल हैं। मंत्रालय के अनुसार, योजना में महिलाओं और ग्रामीण युवाओं के लिए भी 36-36 काम जोड़े गए हैं। इनमें स्वयं सहायता समूहों (SHG), महिला समूहों और युवाओं के लिए कौशल विकास व प्रशिक्षण केंद्र से जुड़े ढांचे बनाना शामिल है।

काम की मांग में भारी बढ़ोतरी, लेकिन सृजन में कमी
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, पिछले दो महीनों में इस योजना के तहत काम मांगने वालों की संख्या में तेजी आई है। सितंबर महीने में लगभग 1.56 करोड़ (15.64 मिलियन) परिवारों ने रोजगार मांगा, जो अगस्त के 1.24 करोड़ (12.4 मिलियन) परिवारों के मुकाबले 26.1 प्रतिशत अधिक है। वहीं, पिछले साल के इसी महीने की तुलना में यह मांग 34 प्रतिशत ज्यादा रही। हालांकि, भारी मांग के बावजूद रोजगार सृजन में सालाना आधार पर कमी दर्ज की गई। आंकड़ों के अनुसार, इस साल सितंबर में लगभग 8.65 करोड़ मानव-दिवस का काम पैदा हुआ, जबकि सितंबर 2025 में 11.99 करोड़ मानव-दिवस का काम दिया गया था।

आपके गांव में कैसे होंगे ये काम
VB-G RAM G के तहत मंजूर सभी कामों के लिए ग्राम पंचायत को सबसे पहले ग्राम सभा की मंजूरी लेनी होगा। काम की निगरानी के लिए विकसित भारत नेशनल रूरल इंफ्रास्ट्रक्चर स्टैक का उपयोग किया जाएगा।  साल 2026-27 के लिए केंद्र सरकार ने इस योजना के लिए 95,692.31 करोड़ रुपये का बजट रखा है। राज्यों के अनुमानित योगदान को मिलाकर कुल खर्च 1.51 लाख करोड़ रुपये से अधिक होने का अनुमान है। 
 


विज्ञापन
विज्ञापन