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Agri-Tech: फल-सब्जियों को खराब होने से बचाने के लिए आईआईटी कानपुर ने विकसित की सोलर डिहाइड्रेशन तकनीक

गांव जंक्शन डेस्क, कानपुर Published by: Devesh Saraswat Updated Fri, 14 Feb 2025 07:45 PM IST
सार

किसानों की आमदनी बढ़ाने और फसल की बर्बादी को कम करने के उद्देश्य से IIT कानपुर ने एक नई सोलर डिहाइड्रेशन तकनीक विकसित की है। यह तकनीक फलों और सब्जियों को सौर ऊर्जा की मदद से सुखाने की सुविधा देती है। जानिए विस्तार से...

किसान।
किसान। - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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किसानों की आमदनी बढ़ाने और फसल की बर्बादी को कम करने के उद्देश्य से IIT कानपुर के रंजीत सिंह रोज़ी शिक्षा केंद्र ने एक नई सोलर डिहाइड्रेशन तकनीक विकसित की है। यह तकनीक फलों और सब्जियों को सौर ऊर्जा की मदद से सुखाने की सुविधा देती है, जिससे किसान अपनी फसलों को लंबे समय तक संरक्षित रख सकते हैं और फसल का बेहतर दाम मिलने पर उसे  बेच सकते हैं।  

30 किसानों को दिया गया प्रशिक्षण  
इस पहल के तहत हाल ही में 30 किसानों को सोलर डिहाइड्रेशन तकनीक का प्रशिक्षण दिया गया है। किसानों को टमाटर के प्री-ट्रीटमेंट और सोलर ड्राईिंग की लाइव डेमोंस्ट्रेशन दी गई, जिससे वे इस तकनीक को अपनी खेती में लागू कर सकेंगे।  

NABARD और अन्य संस्थाओं का सहयोग  
इस प्रोजेक्ट में NABARD का महत्वपूर्ण सहयोग रहा है। IIT कानपुर की प्रोजेक्ट एक्जीक्यूटिव ऑफिसर, रीता सिंह ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा, सोलर डिहाइड्रेशन एक प्रभावी और पर्यावरण अनुकूल तरीका है। यह तरीका फसल बर्बादी कम कर किसानों के मुनाफे को बढ़ाता है। हमारा लक्ष्य इसे अधिक गांव तक पहुंचाना है, जिससे हर किसान इसका लाभ उठा सके।  

प्रोफेसरों और विशेषज्ञों की महत्वपूर्ण भूमिका  
IIT कानपुर के प्रो. संदीप संगल और प्रो. कलोल मंडल ने इस परियोजना को आगे बढ़ाने में प्रमुख भूमिका निभाई है। इसके साथ ही, सीएसजेएमयू विश्वविद्यालय के फूड प्रोसेसिंग विभाग के साथ मिलकर इस तकनीक के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) और गुणवत्ता प्रोटोकॉल तैयार किए गए हैं।
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