त्योहारी सीजन में चना और प्याज की बढ़ती कीमतें आम लोगों की जेब पर भारी पड़ रही हैं। पिछले एक महीने में चने की कीमतों में करीब 18 फीसदी तक बढ़ोतरी हुई है। वहीं, दिल्ली-एनसीआर में अच्छी गुणवत्ता वाला प्याज 80 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है। चने की बढ़ती मांग, कुछ मंडियों में आवक में कमी और मौसम से जुड़ी चिंताओं के बीच कीमतों पर दबाव बना हुआ है। दूसरी ओर, सरकार की ओर से रियायती दर पर प्याज की बिक्री दिवाली तक ही जारी रहने की संभावना है।
एक महीने में 18 फीसदी तक महंगा हुआ चना
कमोडिटी समाचार के संस्थापक अंकित कपूर के मुताबिक, श्राद्ध पक्ष समाप्त होने के बाद नवरात्रि, दिवाली और शादी-ब्याह के सीजन को देखते हुए चने और बेसन की मांग बढ़ी है। इसका असर चने की कीमतों पर पड़ा है। महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश की प्रमुख मंडियों में चने की आवक फिलहाल ठीक बनी हुई है, लेकिन राजस्थान जैसे प्रमुख उत्पादक राज्य में आवक घट रही है। इससे बाजार में कीमतों को सहारा मिल रहा है।
घरेलू मांग पूरी करने के लिए इस साल चने का आयात भी बढ़ा है। खबर में दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, पिछले साल की तुलना में चने का आयात करीब 155 फीसदी बढ़ चुका है। भारत दुनिया का सबसे बड़ा चना आयातक है, इसलिए घरेलू मांग और आयात में बदलाव का असर अंतरराष्ट्रीय बाजार पर भी पड़ता है। रिपोर्ट के अनुसार, ऑस्ट्रेलिया का चना अंतरराष्ट्रीय बाजार में करीब 800 डॉलर प्रति क्विंटल, यानी लगभग 8,600 रुपये प्रति क्विंटल के भाव पर कारोबार कर रहा है।
अल-नीनो और कम बारिश से बढ़ी चिंता
इस साल अल-नीनो की परिस्थितियों और कुछ राज्यों में कम बारिश या सूखे जैसे हालात ने फसलों की पैदावार को लेकर चिंता बढ़ाई है। इसका असर आने वाले समय में चने की आपूर्ति और कीमतों पर पड़ सकता है।
अंकित कपूर का अनुमान है कि मौजूदा परिस्थितियों में चने का भाव 6,000 रुपये प्रति क्विंटल से नीचे जाना मुश्किल है। यदि मौसम और वैश्विक बाजार से जुड़ा दबाव बना रहता है, तो कीमतें 9,000 से 9,500 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच सकती हैं। हालांकि, यह बाजार का अनुमान है, निश्चित भाव नहीं।
दिल्ली-एनसीआर में 80 रुपये किलो तक प्याज
प्याज की कीमतों में भी पिछले एक साल के दौरान तेज बढ़ोतरी हुई है। उपभोक्ता मामलों के विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 10 अक्टूबर को प्याज का अखिल भारतीय औसत खुदरा भाव 51.71 रुपये प्रति किलो था। एक साल पहले इसी अवधि में यह 26.73 रुपये प्रति किलो था। दिल्ली और नोएडा में अच्छी गुणवत्ता वाला प्याज 80 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है। इस तरह प्याज की कीमतों में बढ़ोतरी का असर घरेलू बजट पर पड़ रहा है।
दिवाली तक सस्ता प्याज मिलने की उम्मीद
फिलहाल केंद्र सरकार की ओर से 100 से अधिक शहरों में नैफेड (NAFED) और एनसीसीएफ (NCCF) के माध्यम से 35 रुपये प्रति किलो की दर से प्याज बेचा जा रहा है। हालांकि, इस बिक्री को दिवाली तक सीमित रखने की तैयारी की खबर है।
नैफेड और एनसीसीएफ के अनुसार, बाजार में नए प्याज की आवक शुरू हो गई है। आने वाले महीने में नई फसल की आपूर्ति बढ़ने की उम्मीद है। इससे कीमतों को राहत मिल सकती है। हालांकि, नवरात्रि के बाद त्योहारी मांग बढ़ने की आशंका भी बनी हुई है। कुल मिलाकर, चने की बढ़ती मांग और प्याज की ऊंची कीमतों ने त्योहारों से पहले आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। अब नई फसल की आवक और बाजार में आपूर्ति बढ़ने पर नजर रहेगी।
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