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ICAR ने बनाया AI सॉफ्टवेयर : बारिश की कमी का पता लगाएगा, किसानों का नुकसान घटेगा, मोबाइल पर मिलेगी सलाह...

गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली Published by: Devesh Saraswat Updated Sun, 04 Oct 2026 05:22 PM IST
सार

  • जलवायु परिवर्तन के दौर में एआई बनेगा किसानों का साथी
  • ICAR ने बनाया AI सॉफ्टवेयर, एक हफ्ते के मौसम अनुमान को आधार बनाकर बारिश की कमी का अनुमान लगाएगा
  • बारिश की कमी का खतरा होने पर कम जल खपत वाली फसलों की सलाह देगा
  • सही समय पर सही फैसला लेने से किसानों को नुकसान कम हो सकता है
  • इस खरीफ सीजन देश के कई हिस्सों में बारिश की कमी से किसान आय में दबाव का खतरा है

जलवायु परिवर्तन के दौर में एआई किसानों को समय पर फैसले लेने में मददगार साबित हो सकता है।
जलवायु परिवर्तन के दौर में एआई किसानों को समय पर फैसले लेने में मददगार साबित हो सकता है। - फोटो : AI Image
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विस्तार
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खेती-बाड़ी में AI तकनीक किसानों को सही फैसले लेने में मदद कर सकती है। इसी आधार पर भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद और भारतीय मृदा एवं जल संरक्षण संस्थान, देहरादून ने एआई तकनीक पर काम करने वाला एक सॉफ्टवेयर का विकास किया है। यह सॉफ्टवेयर किसी भी जिले या क्षेत्र में बारिश की कमी  का अनुमान लगाता है और किसानों को कम जल खपत वाली फसलों की जानकारी देता है। जलवायु परिवर्तन के दौर में यह तकनीक किसानों को समय पर सही फैसला लेने में मदद कर सकती है।

कम बारिश से किसान आय को खतरा, सटीक सलाह काफी अहम
इसी खरीफ सीजन का उदाहरण ही लें, तो कम बारिश ने फसल उत्पदान में गिरावट की संभावना को जन्म दिया है। दूसरी तरफ जानकार किसान आय में दबाव आने की चिंता जता रहे हैं। ऐसी परिस्थिति में एआई आधारित सटीक सलाह किसानों को बेहतर निर्णय लेने और नुकसान से बचने में मदद कर सकती है।
 
 सैटेलाइट आंकड़े कम बारिश का अनुमान लगाने में काम आएंगे
 जानकारी के अनुसार, यह सॉफ्टवेयर अंतरिक्ष में चक्कर लगा रहे नासा और दूसरी अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के सैटेलाइटों से मिलने वाले मौसम से जुड़े आंकड़ों पर काम करता है। इसके माध्यम से देश के किसी भी जिले या क्षेत्र में बारिश की कमी का सटीक अनुमान लगाया जा सकेगा।

एक हफ्ते के मौसम अनुमान के आधार पर सलाह देगा
इलाके में कम बारिश के संग यह सॉफ्टवेयर बारिश के आसार और बाढ़ की आंशंका की जानकारी देगा। दूसरी तरफ मिट्टी के तापमान, हवा में नमी और आगामी एक हफ्ते के मौसम के अनुमान को आधार बनाकर किसानों को खरीफ फसलों की बुवाई का सबसे सही समय बताएगा।

मोबाइल से किसान उठा सकेंगे लाभ 
आने वाले समय में किसान स्मार्टफोन में एप डाउनलोड कर इस तकनीक का लाभ उठा सकेंगे। केवल एप में अपने इलाके का नाम दर्ज करना होगा और बारिश से जुड़ा अनुमान और सलाह आपकों मिल जाएगा। खास बात यह है कि किसान इस सलाह और मौसम की जानकारी को व्हाट्सएप या ईमेल के जरिए दूसरे किसानों तक भेज सकेंगे। 

नुकसान का अनुमान और वैकल्पिक खेती का सुझाव
बारिश का अनुमान और सलाह देने के साथ यह सॉफ्टवेयर बारिश की कमी को ध्यान में रखकर फसल को होने वाले प्रति हेक्टेयर नुकसान की जानकारी भी किसानों को देगा। ऐसे में किसान नुकसान की संभावना को देखते हुए कम जल की खपत वाली फसलों का चुनाव कर सकेंगे। वर्तमान में यह तकनीक केवल खरीफ को कवर करती है, लेकिन आने वाले समय में रबी सीजन को भी इसमें शामिल किया जाएगा। वर्तमान में यह सॉफ्टवेयर केवल ट्रायल के तौर पर किसानों और दूसरे लोगों के लिए उपलब्ध है। वैज्ञानिक टीम इसे और बेहतर बनाने में जुटी है।


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