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Himachal Pradesh Modern Food Testing Lab Will Be Built In Kangra At Cost Of 25 Crores And First Nutrition Poli
हिमाचल प्रदेश : कांगड़ा में 25 करोड़ की लागत से बनेगी आधुनिक फूड टेस्टिंग लैब, पहली पोषण नीति होगी तैयार
गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली
Published by: Mohammad Aamil
Updated Wed, 21 Jan 2026 07:56 PM IST
सार
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बताया कि राज्य सरकार पहले से ही एकीकृत बाल विकास सेवा (ICDS), मिड-डे मील योजना और सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) जैसी कई पोषण और खाद्य सुरक्षा योजनाएं चला रही है। इन योजनाओं को और प्रभावी बनाने के लिए पोषण नीति तैयार की जाएगी।
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू
- फोटो : सोशल मीडिया
हिमाचल प्रदेश में लोगों को सुरक्षित और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने की दिशा में राज्य सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने घोषणा की है कि कांगड़ा जिले में अत्याधुनिक फूड टेस्टिंग लैब की स्थापना के लिए ₹25 करोड़ जारी किए जाएंगे। इसके साथ ही राज्य की पहली पोषण नीति (Nutrition Policy) भी तैयार की जाएगी, जिससे सभी वर्गों को समग्र पोषण लाभ मिल सके।
शिमला में स्वास्थ्य विभाग की बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार राज्य की पहली पोषण नीति बनाएगी। इसका उद्देश्य बच्चों, किशोरियों, गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं सहित सभी कमजोर वर्गों को संतुलित और पौष्टिक आहार उपलब्ध कराना है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार पहले से ही एकीकृत बाल विकास सेवा (ICDS), मिड-डे मील योजना और सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) जैसी योजनाओं के माध्यम से पोषण और खाद्य सुरक्षा पर काम कर रही है। इन योजनाओं को और प्रभावी बनाने के लिए पोषण प्रोफाइलिंग पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, जिससे लोगों को भोजन में मौजूद पोषक तत्वों, कैलोरी और फूड फोर्टिफिकेशन की जानकारी मिल सके।
नई लैब और मौजूदा इंफ्रास्ट्रक्चर
सीएम सुक्खू ने बताया कि नीति को अंतिम रूप देने से पहले राज्य में पोषण और खाद्य जांच से जुड़ा बुनियादी ढांचा मजबूत किया जा रहा है। इसके तहत कंडाघाट स्थित कंपोजिट टेस्टिंग लैब (CTL) को अपग्रेड किया जाएगा, जिस पर ₹8.50 करोड़ खर्च किए जाएंगे।
पहले चरण में कांगड़ा जिले में नई फूड टेस्टिंग लैब स्थापित की जाएगी, जिसके लिए ₹25 करोड़ जारी किए जाएंगे। आने वाले समय में मंडी, शिमला और सोलन (बद्दी) में भी क्षेत्रीय परीक्षण प्रयोगशालाएं स्थापित की जाएंगी। मुख्यमंत्री ने इन लैब्स के सुचारु संचालन के लिए पर्याप्त स्टाफ की नियुक्ति के निर्देश भी दिए हैं।
स्वास्थ्य और पोषण पर ध्यान
मुख्यमंत्री ने चिंता जताई कि भोजन में पोषक तत्वों की कमी और कीटनाशकों की मौजूदगी से बीमारियां बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार इन समस्याओं का समाधान करने के लिए गंभीरता से काम कर रही है। साथ ही स्वास्थ्य क्षेत्र को लगातार मजबूत किया जा रहा है। राज्य में विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधाएं, मेडिकल कॉलेजों में ICU और डॉक्टर-पेशेंट अनुपात में सुधार भी किए जा रहे हैं।
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