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Goa Fresh: गोवा के किसानों की उपज को मिलेगा नया ब्रांड, होटल से ऑनलाइन बाजार तक होगी सीधी पहुंच

गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली Published by: Mohammad Aamil Updated Wed, 14 Oct 2026 09:11 AM IST
सार

  • ‘गोवा फ्रेश’ ब्रांड की शुरुआत: गोवा सरकार स्थानीय कृषि उत्पादों को अलग पहचान दिलाने और किसानों को बड़े बाजारों से जोड़ने की तैयारी में है।

  • होटल से ऑनलाइन बाजार तक पहुंच: किसानों की उपज होटल, रेस्तरां, सुपरमार्केट, किराना दुकानों और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर बेची जाएगी।

  • काजू, नारियल और सब्जियों पर जोर: योजना में मौसमी सब्जियां, स्थानीय फल, फूल और प्रसंस्कृत कृषि उत्पाद शामिल हैं।

सांकेतिक तस्वीर
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : AI
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विस्तार
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गोवा सरकार ने किसानों की उपज को अलग पहचान दिलाने, बाजार तक उनकी पहुंच बढ़ाने और दूसरे राज्यों से आने वाली कृषि उपज पर निर्भरता कम करने के लिए ‘गोवा फ्रेश’ नाम से नई पहल शुरू की है। इसके तहत स्थानीय किसानों की सब्जियों, फलों, काजू, नारियल और फूलों को एक ब्रांड के तहत बाजार में उतारा जाएगा। सरकार का लक्ष्य किसानों को होटल, सुपरमार्केट, खुदरा दुकानों और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म जैसे बड़े बाजारों से सीधे जोड़ना है, ताकि उन्हें अपनी उपज का बेहतर दाम मिल सके।

यह पहल राज्य सरकार के ‘स्वयंपूर्ण गोवा’ कार्यक्रम का हिस्सा है। इसके जरिए स्थानीय कृषि उत्पादों की पैकेजिंग, गुणवत्ता और बाजार में पहचान को बेहतर बनाया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे किसानों की आमदनी बढ़ेगी और राज्य में पैदा होने वाली उपज की खपत भी बढ़ेगी।

स्थानीय किसानों को मिलेगा बड़े बाजारों तक पहुंचने का मौका
गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने कहा कि ‘स्वयंपूर्ण गोवा’ कार्यक्रम का उद्देश्य राज्य को आत्मनिर्भर बनाना और स्थानीय लोगों को आगे बढ़ने के अवसर देना है। ‘गोवा फ्रेश’ इसी दिशा में अगला कदम है। यह केवल सरकारी योजना नहीं, बल्कि गोवा के कृषि उत्पादों को पहचान दिलाने की पहल है।

उन्होंने कहा कि सरकार किसानों की उपज के लिए आधुनिक पैकेजिंग, गुणवत्ता के तय मानक और बड़े बाजारों तक सीधी पहुंच सुनिश्चित करना चाहती है। इससे गोवा के होटल उद्योग, खुदरा दुकानों और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर स्थानीय उत्पादों की बिक्री बढ़ाने में मदद मिलेगी।

दूसरे राज्यों से आने वाली उपज पर निर्भरता घटाने की तैयारी
कोरोना महामारी के दौरान आपूर्ति व्यवस्था में आई बाधाओं ने गोवा की दूसरे राज्यों से आने वाली खाद्य सामग्री पर निर्भरता को उजागर किया था। इसके बाद राज्य में स्थानीय कृषि उत्पादन और खरीद बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। सरकार के मुताबिक, पिछले छह वर्षों में राज्य में स्थानीय स्तर पर उगाई जाने वाली सब्जियों की खरीद दोगुने से अधिक हो गई है। अब ‘गोवा फ्रेश’ के जरिए इस व्यवस्था को और मजबूत करने की तैयारी है।

गोवा में काजू, नारियल और सब्जियां उगाने वाले किसानों को मजदूरी की ऊंची लागत, खेती की छोटी जोत और बिचौलियों के कारण कम मुनाफा मिलने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। सरकार को उम्मीद है कि किसानों को सीधे खरीदारों से जोड़ने पर इन समस्याओं को कम किया जा सकेगा।

सब्जियों, फलों, काजू और फूलों की बिक्री पर जोर
फिलहाल ‘गोवा फ्रेश’ के तहत कृषि, बागवानी और फूलों की खेती से जुड़े उत्पादों पर ध्यान दिया जा रहा है। इसमें मौसमी सब्जियां, स्थानीय किस्मों के फल, नारियल, काजू, गेंदा फूल और खेती से तैयार किए जाने वाले प्रसंस्कृत उत्पाद शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले कृषि उत्पादों की आपूर्ति व्यवस्था और ब्रांड पहचान को मजबूत किया जाएगा। इसके बाद मत्स्य पालन जैसे दूसरे स्थानीय क्षेत्रों में भी इस मॉडल का विस्तार करने पर विचार किया जाएगा।

किराना दुकानों से लेकर होटलों तक पहुंचेगी उपज
सरकार स्थानीय किसानों के उत्पादों को ज्यादा से ज्यादा खरीदारों तक पहुंचाने के लिए कई माध्यमों का इस्तेमाल करेगी। किसान उत्पादक संगठनों (FPOs) और स्वयं सहायता समूहों को किराना दुकानों, बड़े सुपरमार्केट, होटल, रेस्तरां, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और राज्य के बागवानी निगम के बिक्री केंद्रों से जोड़ा जाएगा।

इसका उद्देश्य यह है कि ग्राहकों को आसानी से स्थानीय उत्पाद मिलें और किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए सीमित बाजारों पर निर्भर न रहना पड़े। गोवा में बड़ी संख्या में पर्यटकों के आने और होटल उद्योग के विस्तार को देखते हुए स्थानीय कृषि उत्पादों की मांग बढ़ाने की भी कोशिश की जा रही है।

किसानों को अब तक 27.8 करोड़ रुपये की मदद
गोवा सरकार कृषि उत्पादों की गुणवत्ता, ब्रांड पहचान, पैकेजिंग और भंडारण व परिवहन की व्यवस्था को बेहतर बनाने पर भी काम कर रही है। इसके तहत मोपा में APEDA मानकों के अनुरूप आधुनिक पैकहाउस विकसित किया जा रहा है। इससे कृषि उत्पादों की पैकिंग और बाजार तक पहुंचाने की व्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिलेगी।

मुख्यमंत्री के मुताबिक, पिछले पांच वर्षों में सरकार ने सुनिश्चित बाजार योजना के तहत किसानों को सीधे 27.8 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता दी है। इसके अलावा, कोडार स्थित भारत-इजरायल उत्कृष्टता केंद्र से सब्जियों और गेंदा फूलों के तीन लाख से अधिक उन्नत पौधे वितरित किए गए हैं।

सरकार किसानों के समूहों के विकास, आधुनिक पैकेजिंग, कर्ज सहायता और कृषि उत्पादों के भंडारण व परिवहन से जुड़ी आधुनिक सुविधाओं में भी निवेश कर रही है। इन प्रयासों के जरिए स्थानीय उत्पादों की बिक्री बढ़ाने और किसानों को बेहतर कीमत दिलाने की योजना है।
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