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Fish Farming Increase Income Centre Big Plan To Increase Production These States Special Support
मछली पालन से बढ़ेगी कमाई : उत्पादन बढ़ाने के लिए केंद्र का बड़ा प्लान, इन राज्यों को मिलेगा विशेष समर्थन
गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली
Published by: Mohammad Aamil
Updated Fri, 06 Nov 2026 05:36 PM IST
सार
देश में मछली उत्पादन 197.75 लाख टन पहुंचा। केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने मछुआरों की आय बढ़ाने, नए मछली बाजार बनाने और पूर्वोत्तर राज्यों में मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के निर्देश दिए।
केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने मछली उत्पादन बढ़ाने और मछुआरों की आमदनी में सुधार के लिए पूर्वोत्तर और अंतर्देशीय राज्यों को विशेष समर्थन देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि मछली उत्पादन, उसकी आपूर्ति और खपत के बीच के अंतर को कम करने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे। साथ ही, मत्स्य पालन से जुड़ी योजनाओं को समय पर पूरा करने और सरकारी धन का सही इस्तेमाल करने पर भी जोर दिया।
मंत्री ने 5 नवंबर को हैदराबाद स्थित राष्ट्रीय मत्स्य विकास बोर्ड (NFDB) के कार्यालय में बोर्ड की 13वीं शासी निकाय बैठक की अध्यक्षता करते हुए ये बातें कहीं। बैठक में तेलंगाना, अरुणाचल प्रदेश और त्रिपुरा के मत्स्य पालन मंत्री, विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधि तथा बोर्ड के सदस्य शामिल हुए।
197.75 लाख टन पहुंचा देश में मछली उत्पादन
ललन सिंह ने बताया कि देश में मछली उत्पादन लगातार बढ़ रहा है। वर्ष 2019-20 में देश का मछली उत्पादन 141.64 लाख टन था, जो बढ़कर 197.75 लाख टन हो गया है। उन्होंने कहा कि अब उत्पादन और उत्पादकता को और बढ़ाने की जरूरत है। इसके लिए ऐसी योजनाएं तैयार की जानी चाहिए, जिनके नतीजों का आकलन किया जा सके।
उन्होंने NFDB से मछली पालकों तक अपनी पहुंच बढ़ाने और राज्य सरकारों के साथ बेहतर तालमेल बनाकर काम करने को कहा। इससे मछुआरों की आमदनी बढ़ाने के साथ उनकी आजीविका को भी सुरक्षित किया जा सकेगा।
70 हजार करोड़ रुपये का है समुद्री खाद्य निर्यात
बैठक में मत्स्य पालन विभाग के सचिव डॉ. अभिलक्ष लिखी ने बताया कि देश में जलीय कृषि का विस्तार हो रहा है और समुद्री खाद्य पदार्थों का निर्यात भी मजबूत हुआ है। वर्तमान में समुद्री खाद्य निर्यात का मूल्य करीब 70 हजार करोड़ रुपये है।
उन्होंने मत्स्य पालन क्षेत्र में निजी निवेश बढ़ाने पर जोर दिया। इसके लिए सहकारी समितियों, मत्स्य किसान उत्पादक संगठनों (FFPO), स्टार्टअप और निजी उद्यमियों को प्रोत्साहित करने की जरूरत बताई। साथ ही, NFDB की डिजिटल सेवाओं को बेहतर बनाने और हितधारकों की समस्याओं व सुझावों को आसानी से दर्ज करने की व्यवस्था मजबूत करने की बात कही।
मछली बाजार और एक्वा पार्क बनाने की मांग
बैठक में अलग-अलग राज्यों के मत्स्य पालन मंत्रियों ने मछली पालन से जुड़ी सुविधाओं को मजबूत करने की जरूरत बताई। उन्होंने मछली बाजार और एकीकृत एक्वा पार्क बनाने के लिए केंद्र सरकार से लगातार आर्थिक मदद देने की मांग की।
मंत्रियों ने कहा कि अमृत सरोवर, जलाशयों और गांवों के दूसरे जल स्रोतों का उपयोग मछली पालन के लिए किया जाना चाहिए। इसके लिए मत्स्य पालन और ग्रामीण विकास से जुड़ी योजनाओं के बीच बेहतर तालमेल जरूरी है।
मछुआरों और महिलाओं को प्रशिक्षण देने पर जोर
बैठक में प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) के तहत मछुआरों और अन्य लाभार्थियों को लगातार प्रशिक्षण देने की जरूरत पर भी चर्चा हुई। मंत्रियों ने मछुआरों, उद्यमियों, महिलाओं, स्वयं सहायता समूहों और सरकारी अधिकारियों की क्षमता बढ़ाने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाने का सुझाव दिया।
इसके अलावा, मछली पालन से जुड़े लोगों को दूसरे राज्यों और विदेशों में बेहतर तकनीक और कामकाज समझने के अवसर देने की बात कही गई। लोगों को मछली खाने के पोषण संबंधी फायदों के बारे में जागरूक करने पर भी जोर दिया गया। बैठक में NFDB के मुख्य कार्यकारी डॉ. बिजय कुमार बेहरा ने बोर्ड की योजनाओं, उपलब्धियों और मौजूदा गतिविधियों की जानकारी दी। बैठक में केंद्र और राज्य सरकारों ने बेहतर तालमेल के साथ मत्स्य पालन और जलीय कृषि क्षेत्र को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई।
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