मध्य प्रेदश के वाहन विक्रेताओं को नवरात्र से दिवाली के बीच यात्री वाहनों और दोपहिया वाहनों की बिक्री में 10 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़त होने की उम्मीद है। फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन के अनुसार, वाहनों की मांग में इस उछाल के पीछे गांव और कस्बों का सबसे बड़ा योगदान होगा।
ग्रामीण और कस्बाई इलाकों की बड़ी हिस्सेदारी
एसोसिएशन के अनुसार, मध्य प्रदेश में दोपहिया वाहनों की कुल बिक्री में ग्रामीण और कस्बाई बाजारों का हिस्सा करीब 50 प्रतिशत है। वहीं, यात्री वाहनों की बिक्री के मामलें में इन इलाकों का हिस्सा 40 प्रतिशत है। यह वजह है कि त्योहारी सीजन की बि्क्री में ग्रामीण और कस्बे अहम भूमिका निभाते हैं।
फाडा मध्य प्रदेश के चेयरपर्सन आशीष पांडे के अनुसार, "मध्य प्रदेश में हम इस साल नवरात्र से लेकर दीपावली तक यात्री वाहनों और दोपहिया दोनों की बिक्री में पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 10 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि की उम्मीद कर रहे हैं।" डीलरों का कहना है कि छोटे कस्बों और गांवों में मोटरसाइकिलें आज भी आवाजाही का मुख्य साधन हैं, और अब वहां से यात्री वाहनों की मांग भी बढ़ रही है।
अगस्त की मजबूत बिक्री और डीलरों की तैयारी
त्योहारी सीजन से पहले अगस्त महीने के वाहन बिक्री आंकड़े मजबूत मांग की तरफ इशारा कर रहे हैं। अगस्त महीने के दौरान मध्य प्रदेश में 84,535 दोपहिया वाहनों की बिक्री हुई, जो 2025 के इसी महीने में बिके 74,693 वाहनों की तुलना में 13.18 प्रतिशत ज्यादा है। हालांकि यात्री वाहनों की बिक्री 13,626 यूनिट के साथ लगभग बराबर ही है।
इलेक्ट्रिक और सीएनजी वाहनों की तरफ बढ़ रहा रुझान
ईंधन के विकल्पों को लेकर भी ग्राहकों की पसंद में साफ बदलाव देखा जा रहा है। अगस्त के आंकड़ों के अनुसार, दोपहिया वाहनों की कुल बिक्री में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की हिस्सेदारी बढ़कर 13.51 प्रतिशत हो गई है, जो पिछले साल 9.78 प्रतिशत थी। इसी तरह यात्री वाहनों में सीएनजी (CNG) और एलपीजी (LPG) वाहनों की हिस्सेदारी 26.04 प्रतिशत से बढ़कर 33.92 प्रतिशत हो गई है। इसके साथ ही, हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक यात्री वाहनों की मांग में भी तेजी दर्ज की जा रही है।