विज्ञापन
Home› Khabar Junction› Farmers In Agra Shying Away From High Priced Seeds Making It Difficult To Dispose Of Government Stock

बीज महंगा, आलू सस्ता : महंगे सीड से पीछे हट रहे किसान, सरकारी स्टॉक खपाना हुआ मुश्किल

गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली Published by: Mohammad Aamil Updated Mon, 19 Oct 2026 01:51 PM IST
सार

  • आगरा में सरकारी आलू बीज के लिए अब तक सिर्फ 172 किसानों ने बुकिंग कराई।

  • जिले में हर साल एक हजार से अधिक आवेदन आते थे, लेकिन इस बार मांग काफी कम है।

  • करीब 2,000 क्विंटल सरकारी बीज अभी बुकिंग के लिए बचा है।

  • बाजार में मोटा आलू 600 से 900 रुपये प्रति क्विंटल बिक रहा है।

आलू की खेती
आलू की खेती - फोटो : गांव जंक्शन
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

आगरा में आलू की कम कीमतों ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी है। पिछले सीजन में आलू बेचने से पर्याप्त कमाई नहीं होने के कारण किसान आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। ऐसे में नए आलू के सरकारी बीज की ऊंची कीमतें उनकी मुश्किल और बढ़ा रही हैं। हालात यह हैं कि हर साल बीज के लिए एक हजार से अधिक आवेदन आने वाले उद्यान विभाग में अब तक केवल 172 किसानों ने ही बुकिंग कराई है। विभाग के पास करीब दो हजार क्विंटल आलू का बीज अभी भी बचा हुआ है, जबकि बुआई का समय आ गया है।

80 हजार हेक्टेयर में होती है आलू की खेती
अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक, आगरा जिले में करीब 80 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में आलू की खेती की जाती है। यहां हर साल सरकारी बीज की मांग अधिक रहती है और कई बार सभी किसानों को उनकी जरूरत के मुताबिक बीज नहीं मिल पाता था। लेकिन इस बार बीज की ऊंची कीमत और आलू के कम भाव के कारण किसान खरीदारी से बच रहे हैं।

उद्यान विभाग में सितंबर से ही बीज की बुकिंग शुरू हो गई थी। इसके बावजूद अब तक केवल 172 किसानों ने आवेदन किया है। विभाग को जिले के लिए कुल 4,716 क्विंटल बीज आवंटित हुआ है, जिसमें से करीब दो हजार क्विंटल बीज अभी बुकिंग के लिए उपलब्ध है। जिला उद्यान अधिकारी (डीएचओ) मनोज कुमार ने बताया कि किसानों को आलू के बीज पर प्रति क्विंटल एक हजार रुपये का अनुदान भी दिया जाएगा।

600 से 900 रुपये क्विंटल बिक रहा आलू
खंदौली के किसान राहुल के मुताबिक, बाजार में इस समय मोटा आलू 600 से 900 रुपये प्रति क्विंटल बिक रहा है। वहीं, गुल्ला और किर्री जैसे छोटे आकार के आलू की कीमत इतनी कम है कि उससे कोल्ड स्टोरेज का किराया निकालना भी मुश्किल हो रहा है।

ऐसे में सरकारी बीज की कीमत 2,980 से 3,630 रुपये प्रति क्विंटल होने के कारण किसान नई खरीदारी करने से कतरा रहे हैं। राहुल का कहना है कि सरकार को मौजूदा बाजार भाव और किसानों की आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखकर बीज की कीमत तय करनी चाहिए। वह इस बार नया बीज खरीदने के बजाय पुराने आलू के बीज से ही बुआई करने की तैयारी कर रहे हैं।

खाद और बुआई के खर्च की भी चिंता
किसान रामू ने बताया कि वह नया बीज खरीदना चाहते थे, लेकिन इसकी कीमत देखकर हिम्मत नहीं जुटा पाए। आलू के कम भाव के कारण पहले ही आर्थिक परेशानी है। अब खाद और बुआई के खर्च का इंतजाम करना भी मुश्किल हो रहा है। उनका कहना है कि विभाग को बीज की कीमत तय करते समय किसानों की मौजूदा स्थिति का ध्यान रखना चाहिए। ऐसे में वह इस बार पुराने बीज से ही आलू की बुआई करेंगे।

सरकारी आलू बीज की कीमतें
आगरा में सरकारी आलू बीज की कीमत श्रेणी और आकार के अनुसार अलग-अलग है। आधारित प्रथम श्रेणी के सीड साइज बीज का भाव 3,630 रुपये और ओवर साइज का 3,040 रुपये प्रति क्विंटल है। वहीं, आधारित द्वितीय श्रेणी में सीड साइज 3,480 रुपये और ओवर साइज 2,980 रुपये प्रति क्विंटल है।

आलू के बाजार भाव में गिरावट और बीज की ऊंची कीमतों के बीच किसान इस बार लागत घटाने के विकल्प तलाश रहे हैं। यदि किसान बड़ी संख्या में पुराने बीज का इस्तेमाल करते हैं, तो इसका असर नई बुआई में इस्तेमाल होने वाले सरकारी बीज की मांग पर भी पड़ सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन