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Pesticide Tank Mix: कीटनाशक टैंक-मिक्स करते समय न करें ये गलती, दवा मिलाने से पहले जानें ये नियम

गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली Published by: Mohammad Aamil Updated Mon, 21 Sep 2026 01:50 PM IST
सार

  • टैंक-मिक्स बनाने से पहले टैंक में करीब आधा पानी भरकर एजीटेटर चालू रखें।
  • दवाओं को मिलाने से पहले लेबल पर दिए निर्देश और उनकी अनुकूलता जरूर जांचें।
  • दो या अधिक उत्पाद मिलाने से पहले जार टेस्ट करना उपयोगी हो सकता है।
  • गांठ, परत, तलछट, अत्यधिक झाग या घोल गर्म होने पर मिश्रण का इस्तेमाल न करें।

सांकेतिक तस्वीर
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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खेती में एक साथ कई कीट और रोगों का प्रकोप होने पर किसान अक्सर एक से ज्यादा कीटनाशक या फफूंदनाशक को टैंक में मिलाकर छिड़काव करते हैं। इससे समय और श्रम बच सकता है, लेकिन गलत क्रम में दवाओं को मिलाने पर घोल खराब हो सकता है और फसल को नुकसान पहुंचने का खतरा भी रहता है। इसलिए टैंक-मिक्स बनाते समय दवाओं के फॉर्मूलेशन और मिलाने के क्रम को समझना जरूरी है।

कृषि उपयोग में कीटनाशक अलग-अलग फॉर्मूलेशन में आते हैं, जैसे WP, WDG/WG, DF, SC, SE, OD, EC, SL और Adjuvant/Sticker। हर फॉर्मूलेशन पानी में अलग तरह से घुलता या फैलता है, इसलिए इन्हें सीधे एक साथ डालने के बजाय सही क्रम का पालन करना चाहिए।

सबसे पहले टैंक में आधा पानी भरें
टैंक-मिक्स तैयार करते समय सबसे पहले स्प्रे टैंक में करीब आधा टैंक साफ पानी भरें। इसके बाद टैंक का एजीटेटर या मिक्सर चालू रखें, ताकि पानी लगातार घूमता रहे और दवा अच्छी तरह मिलती रहे।

दवा मिलाने का सही क्रम
  • WP - Wettable Powder: सबसे पहले WP यानी वेटेबल पाउडर डालें। इसे सीधे टैंक में डालने के बजाय पहले थोड़े पानी में अच्छी तरह घोलकर घोल बनाना बेहतर रहता है।
  • WDG/WG - Water Dispersible Granules: इसके बाद WDG या WG यानी पानी में फैलने वाले दाने डालें। इन्हें भी अच्छी तरह फैलने का समय दें।
  • DF - Dry Flowable: इसके बाद DF यानी ड्राई फ्लोएबल फॉर्मूलेशन मिलाया जाता है। यह पानी में फैलकर एक समान मिश्रण बनाने में मदद करता है।
  • SC - Suspension Concentrate: इसके बाद SC यानी सस्पेंशन कॉन्संट्रेट डालें। इसे डालते समय टैंक में पानी का लगातार हिलना जरूरी है, ताकि दवा नीचे बैठने न लगे।
  • SE - Suspo-Emulsion: इसके बाद SE यानी सस्पो-इमल्शन फॉर्मूलेशन मिलाया जाता है।
  • OD - Oil Dispersion: इसके बाद OD यानी ऑयल डिस्पर्शन डालें। यह पानी में तेल आधारित कणों के रूप में फैलता है।
  • EC - Emulsifiable Concentrate: इसके बाद EC यानी इमल्सीफाएबल कॉन्संट्रेट मिलाया जाता है। इसे सीधे बिना पानी के दवाओं के साथ मिलाने के बजाय निर्धारित क्रम और मात्रा का ध्यान रखना जरूरी है।
  • SL - Soluble Liquid: इसके बाद SL यानी सॉल्यूबल लिक्विड मिलाया जाता है। यह पानी में घुलकर एक समान घोल बनाता है।
  • Adjuvant/Sticker - सहायक पदार्थ : सबसे आखिर में एडजुवेंट, स्टिकर या स्प्रेडर मिलाने की सलाह दी जाती है। ये दवा को पत्तियों पर बेहतर तरीके से फैलने और टिकने में मदद कर सकते हैं।

टैंक को पूरा भरते समय भी चलाते रहें एजीटेटर
सभी फॉर्मूलेशन मिलाने के बाद टैंक में बचा हुआ पानी धीरे-धीरे डालकर टैंक को पूरा करें। इस दौरान एजीटेटर या मिक्सर चालू रखें, ताकि दवाएं नीचे बैठें नहीं और पूरे घोल में समान रूप से फैल जाएं।

टैंक-मिक्स क्यों जरूरी है?
सही तरीके से टैंक-मिक्स तैयार करने से एक ही छिड़काव में अलग-अलग समस्याओं के प्रबंधन में मदद मिल सकती है। इससे समय, पानी, श्रम और स्प्रे की लागत कम करने में मदद मिल सकती है। लेकिन हर कीटनाशक या फफूंदनाशक को दूसरे उत्पाद के साथ मिलाना सुरक्षित नहीं होता।

इन गलतियों से बचें
  • किसान टैंक-मिक्स तैयार करते समय कुछ जरूरी सावधानियां रखें।
  • अनुशंसित मात्रा से ज्यादा दवा न डालें।
  • अलग-अलग उत्पादों को मिलाने से पहले उनके लेबल और उपयोग संबंधी निर्देश जरूर पढ़ें।
  • ऐसे उत्पादों को एक साथ न मिलाएं जिनकी आपस में अनुकूलता की पुष्टि न हो।
  • कई उत्पादों को एक साथ मिलाने से पहले जार टेस्ट करना उपयोगी हो सकता है।
  • बहुत अधिक मात्रा में उत्पाद मिलाने से घोल अस्थिर हो सकता है और फसल पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।
  • असंगत (Incompatible) उत्पादों को एक साथ न मिलाएं।
  • टैंक-मिक्स में पानी की गुणवत्ता भी महत्वपूर्ण है। मिट्टी का pH 5.5 से 7.0 के बीच रखने की सलाह दी गई है।
  • तेज धूप, तेज हवा या प्रतिकूल मौसम में छिड़काव से बचें और संबंधित उत्पाद के लेबल निर्देशों का पालन करें।

जार टेस्ट से पहले जांच लें दवाओं की अनुकूलता
अगर किसान को यह पता नहीं है कि दो या उससे अधिक उत्पाद एक-दूसरे के साथ मिल सकते हैं या नहीं, तो पूरे टैंक में मिश्रण बनाने से पहले थोड़ी मात्रा में पानी लेकर जार टेस्ट किया जा सकता है। यदि घोल में गांठ, परत, तलछट, अत्यधिक झाग या गर्म होने जैसी समस्या दिखाई दे तो उस मिश्रण का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।

सबसे जरूरी बात
कीटनाशक टैंक-मिक्स में सिर्फ सही क्रम ही नहीं, बल्कि दवा की मात्रा, उत्पाद की अनुकूलता और लेबल पर दिए निर्देश भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं। किसी भी उत्पाद को केवल इसलिए न मिलाएं कि वह सामान्य रूप से कीटनाशक या फफूंदनाशक है। फसल, कीट या रोग और इस्तेमाल किए जा रहे उत्पाद के अनुसार कृषि विशेषज्ञ की सलाह लेना सुरक्षित तरीका है।

 
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