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रोजगार पर फोकस: यूपी सरकार ने तीन गुना बढ़ाया कौशल योजनाओं का बजट, 10 लाख युवाओं को मिलेगा विशेष प्रशिक्षण

गांव जंक्शन डेस्क, लखनऊ Published by: Umashankar Mishra Updated Fri, 13 Feb 2026 12:12 PM IST
सार

योगी सरकार ने कौशल विकास मिशन के लिए 1000 करोड़ का प्रावधान किया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में कौशल विकास योजनाओं का बजट तीन गुना से अधिक बढ़ाकर लगभग 10 लाख युवाओं को प्रशिक्षण देने की योजना बनाई गई है। SSDP, प्रोजेक्ट प्रवीण और जीरो पॉवर्टी अभियान के जरिये रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर तैयार किए जाएंगे।

ग्रामीण युवाओं को दी जाएगी कौशल विकास की ट्रेनिंग
ग्रामीण युवाओं को दी जाएगी कौशल विकास की ट्रेनिंग - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश सरकार ने युवाओं को रोजगार के लिए तैयार करने के उद्देश्य से कौशल विकास योजनाओं का बजट तीन गुना से अधिक बढ़ा दिया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में लगभग 10 लाख युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देकर उन्हें नौकरी या स्वरोजगार के लिए तैयार करने की योजना है। यह पहल व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग के माध्यम से संचालित की जा रही है, जो राज्य और केंद्र की विभिन्न योजनाओं के जरिए युवाओं को प्रशिक्षित करता है।

राज्य कौशल प्रशिक्षण निधि (SSDF) का विस्तार
राज्य कौशल प्रशिक्षण निधि (SSDF) के तहत वर्तमान वित्तीय वर्ष में 61 हजार युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। बजट वृद्धि के बाद यह संख्या बढ़ाकर 4 लाख से अधिक की जाएगी। इस योजना पर लगभग 1000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जिससे बड़े पैमाने पर युवाओं को रोजगारपरक प्रशिक्षण मिल सकेगा।

प्रोजेक्ट प्रवीण: स्कूल स्तर पर कौशल शिक्षा
प्रोजेक्ट प्रवीण योजना के अंतर्गत कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों को प्रतिदिन 1.5 घंटे अत्याधुनिक लैब में कौशल प्रशिक्षण दिया जाता है। फिलहाल करीब 2 लाख छात्र इस योजना से लाभान्वित हो रहे हैं, जिसे बढ़ाकर 5 लाख करने की तैयारी है। बजट बढ़ने से अब राजकीय स्कूलों के साथ-साथ अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) माध्यमिक विद्यालयों को भी योजना में शामिल किया जाएगा।

जीरो पॉवर्टी अभियान: निर्धन परिवारों पर फोकस
अगले वित्तीय वर्ष के बजट में जीरो पॉवर्टी अभियान के तहत 50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इससे लगभग 50 हजार पात्र व्यक्तियों को आवासीय कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि वे रोजगार या स्वरोजगार से जुड़ सकें।

बजट वृद्धि से क्या बदलेगा
बढ़े हुए बजट से प्रशिक्षण पाने वाले युवाओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। इससे कौशल विकास मिशन को युवाओं को आत्मनिर्भर और उद्यमशील बनाने में मजबूती मिलेगी। मिशन निदेशक पुलकित खरे के अनुसार, बजट में मिले वित्तीय सहयोग से लाखों युवाओं के लिए नए अवसर खुलेंगे और राज्य की रोजगार क्षमता में व्यापक सुधार होगा।

रोजगार आधारित विकास मॉडल की ओर
यूपी सरकार की यह रणनीति स्पष्ट रूप से रोजगार आधारित विकास मॉडल की ओर संकेत करती है। स्कूल स्तर से कौशल शिक्षा, बड़े पैमाने पर वित्तीय प्रावधान और निर्धन परिवारों के लिए विशेष प्रशिक्षण - ये सभी कदम युवाओं को नौकरी खोजने वाले से नौकरी देने वाला बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। यदि योजनाएं निर्धारित लक्ष्य के अनुसार लागू होती हैं, तो राज्य में रोजगार सृजन और स्वरोजगार दोनों को गति मिल सकती है।
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