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Home› Khabar Junction› Up Crops Flattened By Spell Of Rain And Strong Winds Risk Of Heavy Damage To Paddy And Pearl Millet

UP: बारिश और तेज हवाओं के दौर से फसलें बिछीं, धान-बाजरा को भारी नुकसान का खतरा

गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली Published by: Devesh Saraswat Updated Sun, 27 Sep 2026 08:40 AM IST
सार

  • उत्तर प्रदेश में लगातार बारिश और तेज हवाओं से खरीफ फसलों पर संकट बढ़ा
  • कई जिलों में खेतों में पानी भरने से फसलें गिरने और सड़ने का खतरा
  • कटाई के लिए तैयार धान, दलहन, तिलहन और बाजरा सबसे ज्यादा प्रभावित
  • जलभराव से खेतों को सूखने में समय लग सकता है, रबी की बुवाई में देरी की चिंता
  • गाजीपुर, बलरामपुर, कासगंज समेत कई जिलों से फसल नुकसान की खबरें

बारिश और तेज हवाओं से यूपी के कई हिस्सों में फसल नुकसान का खतरा
बारिश और तेज हवाओं से यूपी के कई हिस्सों में फसल नुकसान का खतरा - फोटो : AI
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश में पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश और तेज हवाओं ने किसानों को भारी संकट में डाल दिया है। खेतों में पानी भर जाने से जहां खड़ी खरीफ की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है, वहीं आगामी रबी सीजन की बुवाई में भी देरी होने की चिंता बढ़ गई है। खेत गीले होने के कारण उन्हें खेती के लायक बनने में लंबा समय लग सकता है।

धान और अन्य फसलों पर बारिश का कहर
निचले इलाकों के खेतों में पानी भर जाने से फसलों की जड़ों को नुकसान पहुंचने, उनका रंग खराब होने और खड़ी फसल के सड़ने का खतरा पैदा हो गया है। इस बेमौसम बारिश ने खासतौर पर कटाई के लिए तैयार धान, दलहन, तिलहन और बाजरा (मोटे अनाज) की फसलों को सबसे ज्यादा प्रभावित किया है। तेज हवाओं के कारण पकी हुई फसलें खेतों में बिछ गई हैं, जबकि लंबे समय तक जलभराव से अनाज के खराब होने, सड़ने और उनमें अंकुरण होने का खतरा बढ़ गया है।

आंकड़ों के अनुसार, धान उत्तर प्रदेश की मुख्य खरीफ फसल है, जो राज्य के कुल कृषि क्षेत्र के 60% से अधिक हिस्से में बोई जाती है। साल 2025 में, उत्तर प्रदेश 209.31 लाख टन चावल (भारत के कुल उत्पादन का 14.04%) का उत्पादन करके देश में पहले स्थान पर था। इस साल फसल पकने के समय हुई अत्यधिक बारिश ने उत्पादकता और कुल पैदावार पर गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं।

जिलों से आ रही नुकसान की खबरें
लखनऊ और उसके आस-पास के कई जिलों से जलभराव और फसलों के गिरने की रिपोर्टें आ रही हैं। गाजीपुर में किसानों का कहना है कि पकी हुई धान और बाजरे की फसलें जमीन पर गिर गई हैं, जिससे कटाई मुश्किल हो गई है। वहीं, बलरामपुर सहित कई जिलों के निचले खेतों में जलभराव के कारण जड़ों के गलने का खतरा पैदा हो गया है। इसके अलावा, फसल के अवशेष पानी में डूब जाने से किसानों को सूखे चारे की भी भारी कमी का सामना करना पड़ रहा है।

पश्चिमी यूपी के कई जिलों में भी शुक्रवार रात से हो रही बारिश ने फसलों पर कहर बरपाया है। कासगंज जिले के लखीमपुर गांव के एक किसान महेश राजपूत ने अपनी व्यथा बताते हुए कहा, "हम पूरी तरह बर्बाद हो गए हैं क्योंकि हमारी जो धान की फसल कटाई के लिए तैयार थी, वह जलभराव वाले खेतों में बिछ गई है।"

 


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