केंद्र सरकार देश के विभिन्न राज्यों में सूखे और बाढ़ की मार झेल रहे किसानों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराएगी। शनिवार को नागपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने यह आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि देश इस समय जलवायु परिवर्तन के प्रतिकूल प्रभावों का सामना कर रहा है, जिसके चलते एक तरफ कुछ राज्य बाढ़ से जूझ रहे हैं, तो दूसरी तरफ कुछ राज्य सूखे की चपेट में हैं।
कम बारिश वाले इलाकों के लिए जिला स्तर पर आकस्मिक योजनाएं
केंद्रीय कृषि मंत्री के अनुसार, सरकार इस स्थिति से निपटने के लिए दो स्तरों पर कदम उठा रही है। सूखे का सामना कर रहे क्षेत्रों के लिए भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) और अन्य संबंधित संस्थानों ने प्रत्येक जिले के लिए आकस्मिक योजनाएं तैयार की हैं। इन योजनाओं को राज्य सरकारों के साथ साझा किया गया है और जिला स्तर पर भी इसकी जानकारी दी गई है।
कृषि मंत्री ने स्पष्ट किया कि कम बारिश की स्थिति में इन योजनाओं के जरिए किसानों को मार्गदर्शन दिया जाएगा कि वे कम समय में तैयार होने वाली और कम पानी की खपत वाली कौन-सी फसलें उगा सकते हैं तथा उन्हें कौन-से जरूरी उपाय करने चाहिए।
बीज बैंकों की स्थापना और फसलों के विकल्प
केंद्रीय मंत्री के अनुसार, कृषि मंत्रालय ने बीज बैंक भी स्थापित किए हैं। यदि किसी क्षेत्र में कम बारिश या मौसम की मार से पहली फसल खराब हो जाती है, तो किसानों के लिए अगली फसल के विकल्प तैयार रखे गए हैं और जरूरी अंतरिम व्यवस्थाएं कर ली गई हैं। इसके अलावा, केंद्र की तरफ से राज्य सरकारों को आवश्यक दिशा-निर्देश (एडवाइजरी) भी जारी किए जा चुके हैं।
महाराष्ट्र के 74 प्रतिशत हिस्से में सूखा, बाढ़ पीड़ितों को भी मदद का भरोसा
महाराष्ट्र का उल्लेख करते हुए केंद्रीय मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने अपने 74 प्रतिशत हिस्से में सूखा घोषित किया है। उन्होंने कहा कि कृषि मंत्रालय सूखे की स्थिति को लेकर महाराष्ट्र सरकार के साथ निरंतर संपर्क में है और प्रभावित जिलों के लिए आकस्मिक योजनाएं पूरी तरह तैयार हैं। सरकार राज्य प्रशासन के साथ मिलकर किसानों को हर संभव मदद पहुंचाएगी।
वहीं, बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों के किसानों को आश्वस्त करते हुए उन्होंने कहा कि किसानों को चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। केंद्रीय मंत्री ने कहा, स्थिति गंभीर है, लेकिन हम सब मिलकर इससे पार पा लेंगे।