तेलंगाना के कामारेड्डी जिले में बिजली की अनियमित आपूर्ति और धान की फसल पर कीटों के लगातार हमले से परेशान एक किसान ने अपनी फसल में आग लगा दी। पलवंचा मंडल के फरिदपेट गांव के किसान वेंकट रेड्डी का कहना है कि उन्होंने कई बार कीटनाशकों का छिड़काव किया, लेकिन कीटों पर काबू नहीं पाया जा सका। खेती की बढ़ती लागत और फसल को हो रहे नुकसान से परेशान किसान ने अब सरकार से आर्थिक मदद की गुहार लगाई है।
10 एकड़ में कर रहे थे खेती, अपनी जमीन के साथ पट्टे पर भी ली थी जमीन
एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, वेंकट रेड्डी ने बताया कि उनके पास पांच एकड़ जमीन है, जबकि पांच एकड़ जमीन उन्होंने पट्टे पर लेकर धान की खेती की थी। उनके मुताबिक, बिजली की कमी के कारण खेतों में सिंचाई और फसल की देखभाल में परेशानी हुई। इस दौरान खेत में खरपतवार और कीटों की समस्या भी बढ़ गई।
किसान ने कहा, “बिजली की कमी के कारण कटौती की गई। इसके बाद खेत में खरपतवार और कीट बढ़ गए। हमने तीन से चार बार कीटनाशकों का छिड़काव किया, लेकिन समस्या कम नहीं हुई।” उन्होंने बताया कि वह नुकसान से इतने परेशान हो गए थे कि उन्होंने बड़ा कदम उठाने के बारे में सोचा। हालांकि, आसपास के किसानों ने उन्हें रोक लिया। इसके बाद उन्होंने प्रभावित पौधों को उखाड़कर फसल की स्थिति का जायजा लिया।
बढ़ती लागत से परेशान किसान, सरकार से मदद की उम्मीद
वेंकट रेड्डी ने कहा कि पांच एकड़ जमीन उनकी अपनी है और पांच एकड़ उन्होंने पट्टे पर ली है। अब उन्हें इंतजार है कि सरकार नुकसान की भरपाई के लिए कोई मदद देती है या नहीं। उन्होंने कहा कि किसानों को फसल बचाने के लिए बार-बार कीटनाशकों का छिड़काव करना पड़ रहा है, जिससे खेती का खर्च बढ़ रहा है। उनके मुताबिक, कई किसान इसी तरह की परेशानियों का सामना कर रहे हैं, लेकिन उनकी समस्याओं पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है। किसान ने अधिकारियों से अपील की कि छोटे किसानों और पट्टे पर खेती करने वालों की समस्याओं को गंभीरता से लिया जाए और उन्हें समय पर सहायता दी जाए।
मुख्यमंत्री ने कृषि के लिए निर्बाध बिजली आपूर्ति के निर्देश दिए
इस बीच, तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने ऊर्जा विभाग को कृषि कार्यों के लिए बिना रुकावट बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि बारिश की कमी के बीच खेतों में खड़ी फसलों के लिए अगले 20 दिन बेहद महत्वपूर्ण हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की फसल बचाने के लिए बिजली आपूर्ति के निर्देश पहले भी दिए गए हैं, लेकिन स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है। उन्होंने लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी भी दी।
इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने एल नीनो के संभावित प्रभाव से निपटने के लिए विभागों को आकस्मिक योजनाएं तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने पेयजल और पशुओं के चारे की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा हर मंडल में अधिकारियों को तैनात कर हालात पर नजर रखने को भी कहा। किसानों ने प्रशासन से बिजली आपूर्ति की समस्या दूर करने, फसल को कीटों से बचाने के लिए प्रभावी उपाय करने और नुकसान झेल रहे किसानों को समय पर सहायता देने की मांग की है।
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