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Home› Khabar Junction› Sharad Pawar 17 Demands Wrote Letter To Cm Fadnavis Said Farmers Should Get Help Before Dussehra Diwali

शरद पवार की 17 मांगें : CM फडणवीस को लिखी चिट्ठी, कहा- दशहरा-दिवाली से पहले मिले किसानों को मदद

गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली Published by: Mohammad Aamil Updated Sun, 27 Sep 2026 07:49 PM IST
सार

शरद पवार ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर सूखा प्रभावित किसानों, खेत मजदूरों और ग्रामीण परिवारों के लिए 17 मांगें रखी हैं। इनमें कृषि कर्ज और बिजली बिल माफी, प्रति हेक्टेयर 1 लाख रुपये सहायता, खेत मजदूरों को 25 हजार रुपये और हर परिवार को 25 किलो मुफ्त अनाज देने की मांग शामिल है।

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के प्रमुख शरद पवार
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के प्रमुख शरद पवार - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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महाराष्ट्र में सूखे की स्थिति को लेकर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के प्रमुख शरद पवार ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर सूखाग्रस्त किसानों, खेत मजदूरों और ग्रामीण नागरिकों के लिए तत्काल राहत की मांग की है। पवार ने सरकार के सामने कुल 17 मांगें रखी हैं। इनमें किसानों के कृषि कर्ज की माफी, कृषि बिजली बिल और जमीन का राजस्व माफ करने के साथ फसल नुकसान की भरपाई के लिए प्रति हेक्टेयर 1 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की मांग शामिल है।

किसानों के लिए कर्ज और बिजली बिल माफ करने की मांग
शरद पवार ने सरकार से सूखे से प्रभावित किसानों को राहत देने के लिए कृषि कर्ज माफ करने की मांग की है। इसके साथ ही जमीन का राजस्व और कृषि बिजली बिल माफ करने की मांग भी की गई है। पवार ने सूखा प्रभावित किसानों को फसल के नुकसान के आधार पर आर्थिक सहायता देने की मांग की है। उन्होंने प्रति हेक्टेयर 1 लाख रुपये की मदद देने की बात कही है। फलबागों और अन्य फसलों को हुए नुकसान का भी मुआवजा देने की मांग पत्र में की गई है।

हर परिवार को 25 किलो मुफ्त अनाज देने की मांग
सूखे का असर ग्रामीण परिवारों की रोजमर्रा की जरूरतों पर भी पड़ रहा है। इसे देखते हुए शरद पवार ने प्रति परिवार 25 किलो मुफ्त अनाज उपलब्ध कराने की मांग की है। इसके अलावा खेत मजदूरों के लिए 25 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की मांग की गई है। पवार ने ग्रामीण इलाकों में पीने के पानी और पशुओं के लिए पानी की तत्काल व्यवस्था करने की जरूरत भी बताई है।

रोजगार गारंटी के काम शुरू करने की मांग
शरद पवार ने सूखा प्रभावित क्षेत्रों में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए रोजगार गारंटी के काम शुरू करने की मांग की है। साथ ही जल संरक्षण से जुड़े कामों के लिए विशेष निधि उपलब्ध कराने की बात कही है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को रोजगार मिलने के साथ जल संरक्षण के कामों को भी गति देने का सुझाव दिया गया है।

विद्यार्थियों की फीस में राहत की मांग
सूखे से प्रभावित परिवारों के विद्यार्थियों को भी राहत देने की मांग की गई है। पवार ने विद्यार्थियों की शैक्षणिक फीस, छात्रावास और मेस फीस माफ करने की मांग सरकार के सामने रखी है। उनका कहना है कि सूखे का असर केवल खेती तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति और बच्चों की पढ़ाई पर भी पड़ता है।

दशहरा-दिवाली से पहले राहत देने की मांग
शरद पवार ने सरकार से मांग की है कि सूखा प्रभावित किसानों और खेत मजदूरों को दशहरा और दिवाली से पहले राहत दी जाए। उन्होंने सूखे की स्थिति पर चर्चा के लिए विधानमंडल का तीन दिन का विशेष अधिवेशन बुलाने की मांग भी की है। पवार ने अपने पत्र में कहा है कि सूखे से प्रभावित किसानों, खेत मजदूरों और ग्रामीण नागरिकों को तत्काल मदद पहुंचाना जरूरी है। उन्होंने सरकार से इन मांगों पर गंभीरता से विचार कर बिना देरी के राहत देने की अपील की है।

शरद पवार के आवास पर हुई बैठक
सूखे की स्थिति को लेकर शरद पवार के आवास पर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की बैठक भी हुई। बैठक में महाराष्ट्र के सूखा प्रभावित क्षेत्रों और किसानों की स्थिति पर चर्चा की गई। पार्टी की ओर से कहा गया है कि उसके सभी विधायक और सांसद एक महीने का वेतन सूखा प्रभावित किसानों की मदद के लिए देंगे।

28 सितंबर से सूखाग्रस्त इलाकों का दौरा करेंगे पवार
शरद पवार 28 सितंबर से महाराष्ट्र के सूखाग्रस्त इलाकों का दौरा करेंगे। इस दौरान वे किसानों के खेतों तक पहुंचकर फसलों के नुकसान और सूखे की स्थिति का जायजा लेंगे। वहीं, रोहित पवार भी सूखा प्रभावित क्षेत्रों में सक्रिय हैं और इस मुद्दे पर सरकार से राहत की मांग कर रहे हैं।

इससे पहले महाराष्ट्र सरकार ने राज्य के 265 तालुकों को सूखा प्रभावित घोषित किया था। सरकार के इस फैसले के बाद सूखा प्रभावित किसानों और ग्रामीण आबादी के लिए राहत उपायों को लेकर मांगें तेज हुई हैं।
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