MSP पर बाजरे की खरीद शुरू करने की मांग को लेकर भारतीय किसान संघ ने राजस्थान सरकार के खिलाफ आंदोलन का एलान किया है। किसान संगठन ने कहा है कि अगर सरकार किसानों की मांग पर जल्द निर्णय नहीं लेती है, तो प्रदेशव्यापी आंदोलन किया जाएगा।भारतीय किसान संघ के अनुसार, 5 अक्तूबर को जयपुर प्रांत की सभी 160 तहसीलों में धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। इस दौरान तहसील मुख्यालयों पर प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपे जाएंगे।
मंडियों में करीब 2,000 रुपये प्रति क्विंटल भाव का दावा
भारतीय किसान संघ के प्रांत अध्यक्ष कालूराम बागड़ा ने कहा कि वर्तमान में मंडियों में किसानों का बाजरा करीब 2,000 रुपये प्रति क्विंटल के भाव पर बिक रहा है। उनके अनुसार, केंद्र सरकार ने बाजरे का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2,900 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है। बागड़ा ने राज्य सरकार से किसानों के हित में एमएसपी पर बाजरे की खरीद शुरू करने की मांग की। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा ने अपने संकल्प पत्र में बाजार में एमएसपी पर खरीद का वादा किया था, लेकिन ढाई साल बीतने के बाद भी इस दिशा में अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है।
भावांतर योजना और निर्यात बढ़ाने की मांग
किसान संघ के प्रांत महामंत्री डॉ. सांवर मल सोलेट ने कहा कि राजस्थान देश का सबसे बड़ा बाजरा उत्पादक राज्य है। उन्होंने बाजरे के अंतरराष्ट्रीय बाजार में निर्यात को बढ़ावा देने की मांग की और कहा कि इससे किसानों को सीधा लाभ मिल सकता है। उन्होंने हरियाणा की तर्ज पर राजस्थान में किसानों को भावांतर देने या सरकार की ओर से सीधे एमएसपी पर बाजरा खरीदने की मांग रखी।
5 अक्तूबर को तहसील स्तर पर प्रदर्शन
प्रदेश उपाध्यक्ष छोगालाल सैनी के अनुसार, 5 अक्तूबर को जयपुर प्रांत की सभी 160 तहसीलों में धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। प्रदर्शन के बाद तहसील मुख्यालयों पर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपे जाएंगे। भारतीय किसान संघ ने कहा है कि अगर राज्य सरकार किसानों की एमएसपी पर बाजरा खरीद की मांग पर जल्द निर्णय नहीं लेती है, तो प्रदेश स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।