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Maharashtra: सूखे की चपेट में आए किसान, कांग्रेस ने प्रति हेक्टेयर 1 लाख रुपये के मुआवजे की उठाई मांग...

गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली Published by: Devesh Saraswat Updated Mon, 21 Sep 2026 04:38 PM IST
सार

  • महाराष्ट्र कांग्रेस ने सूखा प्रभावित किसानों के लिए 1 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर की मदद और पूर्ण कर्जमाफी मांगी है।
  • कांग्रेस ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जब फसलें बर्बाद हो रही हैं, तब सरकार केवल बैठकों में समय जाया कर रही है।
  • कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने कर्जमाफी योजना पर उठाए सवाल, कहा- किसानों को कोई असल मायने में लाभ नहीं मिला
 

 

महाराष्ट्र कांग्रेस ने सूखे की चपेट में आए किसानों को प्रति हेक्टेयर एक लाख रुपये मुआवजा जारी करने की मांग की।
महाराष्ट्र कांग्रेस ने सूखे की चपेट में आए किसानों को प्रति हेक्टेयर एक लाख रुपये मुआवजा जारी करने की मांग की। - फोटो : गांव जंक्शन
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विस्तार
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महाराष्ट्र में सूखे की गंभीर स्थिति से प्रभावित किसानों के लिए कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने राज्य सरकार से प्रति हेक्टेयर 1 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और संपूर्ण कर्जमाफी की मांग की है। रविवार को बुलढाणा जिले के खेतों का दौरा करने के बाद उन्होंने सरकार पर किसानों की अनदेखी करने का आरोप लगाया।

सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल और नाराजगी
सपकाल ने राज्य सरकार पर आरोप लगाया कि जब किसानों की खड़ी फसलें बर्बाद हो रही हैं, तब सरकार केवल बैठकों में समय बर्बाद कर वित्तीय सहायता में देरी कर रही है। उन्होंने बयान में कहा कि सरकार को संकट में फंसे किसानों की मदद करने के लिए किसी "शुभ मुहूर्त" का इंतजार नहीं करना चाहिए।

उन्होंने बुलढाणा के एक युवा किसान का उदाहरण दिया, जिसने सूखे से बर्बाद हुई अपनी 20 एकड़ सोयाबीन की फसल को नष्ट करने का फैसला किया। इस किसान ने मुख्यमंत्री और मंत्रियों को खेत का मुआयना करने के लिए बुलाया था, लेकिन कोई भी प्रतिनिधि वहां नहीं पहुंचा।

कर्जमाफी योजना पर उठाए सवाल और नई मांगें
सपकाल ने दावा किया कि सरकार की मौजूदा कर्जमाफी योजना से किसानों को कोई वास्तविक लाभ नहीं मिल रहा है। उन्होंने बुलढाणा के एक गांव का हवाला देते हुए बताया कि कर्जमाफी की पहली सूची में केवल दो और दूसरी सूची में सिर्फ एक किसान का नाम शामिल था, जिसमें से एक किसान को मात्र 40,000 रुपये ही मिले।

किसानों को फौरी राहत देने के लिए उन्होंने यह भी मांग की कि 'शक्तिपीठ एक्सप्रेसवे' के लिए प्रस्तावित फंड को किसानों की आर्थिक सहायता के लिए इस्तेमाल किया जाए। सपकाल ने जोर देकर कहा कि सूखे को राजनीतिक मुद्दा नहीं बनाया जाना चाहिए और सरकार को किसानों के संकट पर सकारात्मक प्रतिक्रिया देनी चाहिए।

मुख्यमंत्री का आश्वासन और कांग्रेस की चेतावनी
ज्ञात हो कि पिछले सप्ताह मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा था कि 5 अक्तूबर के बाद फसल नुकसान का सर्वेक्षण किया जाएगा। उन्होंने आश्वासन दिया था कि राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया कोष (NDRF) से सहायता मिलने की प्रतीक्षा किए बिना, राज्य सरकार अपने संसाधनों से किसानों को आर्थिक मदद उपलब्ध कराएगी।

हालांकि, कांग्रेस इस मुद्दे पर आक्रामक है। सपकाल ने बताया कि कांग्रेस गांवों में लगातार सत्याग्रह और विरोध प्रदर्शन कर रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने तत्काल राहत की घोषणा नहीं की, तो इस आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इसके साथ ही, उन्होंने संकटग्रस्त किसानों से हताश होकर आत्महत्या जैसा कोई भी आत्मघाती कदम न उठाने की भावुक अपील की।


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