विज्ञापन
Home Khabar Junction Karnataka Jagalur Excluded Drought List Bjp Workers Call Bandh Protest Market Bus Services Affected

कर्नाटक : सूखा सूची से जगलूर बाहर, विरोध में BJP कार्यकर्ताओं ने बुलाया बंद, बाजार और बस सेवा प्रभावित

गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली Published by: Mohammad Aamil Updated Mon, 21 Sep 2026 05:36 PM IST
सार

  • कर्नाटक की सूखाग्रस्त तालुकों की सूची में जगलूर को शामिल नहीं किए जाने के विरोध में BJP ने बंद बुलाया।
  • बंद के दौरान वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई और जगलूर APMC में कारोबार बंद रहा।
  • प्रदर्शनकारियों ने जगलूर को सूखाग्रस्त तालुक घोषित करने की मांग की।
  • पूर्व BJP विधायक एसवी रामचंद्रप्पा ने कहा कि इलाके के किसान मुख्य रूप से बारिश पर निर्भर हैं।

सांकेतिक तस्वीर
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कर्नाटक सरकार की सूखाग्रस्त तालुकों की सूची में जगलूर को शामिल नहीं किए जाने के विरोध में सोमवार को BJP कार्यकर्ताओं ने बंद बुलाया। प्रदर्शन के दौरान सड़कों पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित रही और जगलूर APMC में कारोबार भी बंद रहा। प्रदर्शनकारियों ने APMC के बाहर धरना देकर सरकार से जगलूर को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग की। बंद के कारण बसों की आवाजाही भी प्रभावित हुई। कई छात्र और आम लोग पैदल जाते दिखाई दिए।

किसानों को बारिश का ही सहारा
पूर्व BJP विधायक एसवी रामचंद्रप्पा ने कहा कि जगलूर लंबे समय से सूखे की समस्या से जूझ रहा है। उनके मुताबिक इलाके में कोई बड़ी नदी या प्रमुख जलस्रोत नहीं है और किसान खेती के लिए मुख्य रूप से बारिश पर निर्भर हैं। उन्होंने कहा कि पहले बारिश होने पर किसानों ने फसल की बुवाई की थी, लेकिन इसके बाद बारिश नहीं होने से खेतों में खड़ी फसल सूख गई। रामचंद्रप्पा ने कहा कि किसान आज भी मौसम के भरोसे खेती करने को मजबूर हैं और मौजूदा स्थिति का असर खेतों में साफ दिखाई दे रहा है।

57 झीलों तक पानी पहुंचाने की परियोजना का जिक्र
पूर्व विधायक ने बताया कि जगलूर क्षेत्र की 57 झीलों तक पानी पहुंचाने की परियोजना पहले शुरू की गई थी। उनके मुताबिक इस परियोजना के लिए 777 करोड़ रुपये दिए गए थे और कुछ झीलों में धीरे-धीरे पानी पहुंचना शुरू हुआ है। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद मौजूदा समय में क्षेत्र में पानी की समस्या बनी हुई है।

‘सैटेलाइट रिपोर्ट नहीं, खेतों में जाकर देखें’
रामचंद्रप्पा ने जगलूर को सूखा सूची से बाहर रखने पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार को केवल सैटेलाइट रिपोर्ट पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। उन्होंने मांग की कि अधिकारी सीधे किसानों के खेतों में जाकर स्थिति देखें और फसल की वास्तविक हालत का आकलन करें। उनके मुताबिक जमीन पर किसानों की परेशानी को देखकर सूखे की स्थिति को बेहतर तरीके से समझा जा सकता है।

रोजगार की कमी से पलायन का भी दावा
उन्होंने कहा कि बिलिचोडु होबली और बसवनकोटे क्षेत्र से कुछ लोग रोजगार की तलाश में दूसरे इलाकों की ओर जा रहे हैं। उनके मुताबिक सूखे और रोजगार के अवसरों की कमी से ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ रही हैं।

मांग पूरी होने तक सत्याग्रह जारी रखने की बात
BJP कार्यकर्ताओं और प्रदर्शनकारियों ने जगलूर को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग की है। रामचंद्रप्पा ने कहा कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती, तब तक सत्याग्रह जारी रहेगा। उन्होंने सरकार से जगलूर की स्थिति का दोबारा आकलन कर उसे सूखाग्रस्त तालुकों की सूची में शामिल करने की मांग की।
विज्ञापन
विज्ञापन