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Online Fraud: ऑनलाइन भैंस का सौदा पड़ा भारी, फेसबुक पेज पर भैंस दिखाकर डेयर चालक से ठगे 1 लाख, कहां गलती हुई?

गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली Published by: Devesh Saraswat Updated Mon, 05 Oct 2026 12:37 PM IST
सार

  • Facebook जैसे प्लेटफॉर्म अब बातचीत के माध्यम  से आगे बढ़कर ऑनलाइन बाजार बन गए हैं
  • इस बाजार में जालसाजों की जमात भी सक्रिय है, पंजाब से पशु बेचने के नाम पर डेयरी चालकर से एक लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है
  • जालसाजों ने भैंस बेचने का झांसा देकर किसान से अलग-अलग खातों में पैसे जमा करवाए
  • पैसे लेने के बाद न भैंस भेजी गई और न ही आरोपियों ने रकम वापस की
  • जानें पूरा मामला...

फेसबुक जैसे प्लेटफॉर्मों पर पशुओं से खेती-बाड़ी के यंत्रों तक की बिक्री के नाम पर धोखाधड़ी हो रही है।
फेसबुक जैसे प्लेटफॉर्मों पर पशुओं से खेती-बाड़ी के यंत्रों तक की बिक्री के नाम पर धोखाधड़ी हो रही है। - फोटो : AI
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विस्तार
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फेसबुक जैसे प्लेटफॉर्म अब केवल बातचीत करने का माध्यम नहीं रह गए हैं, बल्कि अब यहां मोटरसाइकिल से लेकर गाय-भैंसों की खरीद बिक्री तक हो रही है। दूसरी तरफ ये प्लेटफॉर्म धोखाधड़ी करने वालों के लिए कमाई का माध्यम बन गए हैं।  एक गलत कदम भारी आर्थिक नुकसान का कारण बन सकता है।

 पंजाब के मोहाली में रहने वाले हरमेश सिंह मोहाली डेयरी चलाते हैं। फेसबुक पर पांच सितंबर को हरमेश के सामने लक्ष्मी नारायण डेयरी नाम का एक पेज आया। इस पेज पर हाल ही में ब्याही हुई भैंस की फोटो बिक्री के लिए पोस्ट की गई थी।  हरमेश ने इस भैंस को खरीदने के लिए पेज पर दिए मोबाइल नबंर पर फोन किया। बातचीत के बाद भैंस का सौदा 55 हजार रुपये में तय हो गया।  यहां तक सब ठीक नजर आ रहा था। लेकिन, ठगी की कहानी शुरू होती है उस  आश्वासन है, जिसमें ठग ने हरमेश को पैसा मिलने के बाद भैंस उनके गांव तक पहंचाने का वादा किया।

जालसाजों से धीरे-धीरे कई बैंक खातों में पैसे जमा करवाए, जो कुल मिलाकर करीब एक लाऱ रुपे हो गए। भुगतान मिलने के बावजूद भैंस कभी हरमेश तक नहं पहुंची। पैसे मिलने के बाद आरोपियों ने मोबाइल फोन बंद कर लिया। ठगी का शिकार होने के बाद हरमेश ने साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर संप्रक किया और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन ने मामला दर्ज कर उस फेसबुक पेज, संबंधित मोबाइल नंबरों और लेनदेन के लिए इस्तेमाल किए गए सभी बैंक खातों की जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, जिन खातों में पैसे ट्रांसफर किए गए हैं, उनके लाभार्थियों (खाताधारकों) की पहचान करने और रकम वापस हासिल करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

पुलिस ने बताया कि हाल के वर्षों में सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर मवेशियों और कृषि उपकरणों की खरीद-फरोख्त से जुड़ी धोखाधड़ी के कई मामले सामने आए हैं। पुलिस ने लोगों को सतर्क करते हुए कहा है कि किसी को भी अग्रिम (एडवांस) भुगतान करने से पहले बेचने वाले की सही पहचान और वास्तविकता की अच्छी तरह जांच-पड़ताल जरूर कर लें।
 
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