गांव जंक्शन
Thu, 13 November 2025
सर्दी के मौसम में बकरियां जल्दी बीमार पड़ सकती हैं। थोड़ी सी लापरवाही से पूरा झुंड बीमारी की चपेट में आ सकता है।
सर्दी में बकरियों में पीपीआर (Goat Plague) और चेचक (Goat Pox) का खतरा बढ़ जाता है। दोनों ही वायरस से फैलने वाली गंभीर बीमारियां हैं जो झुंड में तेजी से फैलती हैं।
बकरियों को पीपीआर और चेचक के टीके लगवाना बेहद जरूरी है। टीके का खर्च बहुत कम है, और सरकारी केंद्रों पर यह फ्री में लगते हैं।
शेड को इस तरह ढकें कि ठंडी हवा अंदर न जाए। सुबह 10 बजे के बाद और शाम 4-5 बजे तक ही चराने ले जाएं।
बकरी को दस्त और तेज बुखार, नाक से पानी बहना, सांस लेने में परेशानी, चारा खाना बंद करना जैसे लक्षण दिखें तो तुरंत पशु चिकित्सक से संपर्क करें।
शरीर पर दाने या चकत्ते, बुखार और निमोनिया, बच्चे दूध कम पीते हैं, भूख न लगना और कमजोरी जैसे लक्षण चेचक की पहचान होती है।
अगर किसी बकरी में लक्षण दिखें तो उसे तुरंत दूसरी बकरियों से अलग करें। इससे संक्रमण फैलने से रोका जा सकता है।
समय पर टीकाकरण, गर्म व सूखा शेड, पौष्टिक आहार और साफ पानी साथ ही बीमार बकरी को तुरंत अलग करें।
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