150 टन अमरूद का उत्पादन, लेकिन मंडी में एक भी दाना नहीं! किसान ने सीधे वेंडर्स और ठेकेदारों को फसल बेचने का तरीका अपनाया है। करीब 3 साल पहले शुरू हुआ एडवांस डिपॉजिट का प्रयोग अब एक व्यवस्थित मॉडल बन चुका है, जिसमें चुनिंदा खरीदारों के लिए लगभग 6 महीने का भाव पहले ही तय कर दिया जाता है। जानिए इस किसान का डायरेक्ट मार्केटिंग मॉडल कैसे काम करता है और अमरूद की सप्लाई किन-किन शहरों तक होती है। खेती-किसानी और किसानों की सफलता की ऐसी ही कहानियों के लिए जुड़े रहें गांव जंक्शन के साथ।