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Cotton Crop: आंध्र-तेलंगाना में कपास की फसल पर बॉल रॉट का प्रकोप, पैदावार घटने की आशंका

गांव जंक्शन डेस्क, नोएडा Published by: Himanshu Mishra Updated Tue, 26 Aug 2025 10:16 AM IST
सार

SABC के अध्यक्ष और कपास रोग विशेषज्ञ सीडी माय ने बताया कि एक दशक बाद पहली बार इस बीमारी का आर्थिक दहलीज स्तर (ETL) 20% से ऊपर चला गया है, जिससे इसे गंभीर प्रकोप की श्रेणी में रखा गया है।

कपास की खेती
कपास की खेती - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के कई हिस्सों में इस साल समय से अधिक और असामयिक बारिश के कारण कपास की फसल बॉल रॉट (Boll Rot) बीमारी की चपेट में आ गई है। यह बीमारी फफूंद और जीवाणु जनित रोगों के मिश्रण से होती है और सीधे फसल की पैदावार व रेशा गुणवत्ता को प्रभावित करती है। विशेषज्ञों के मुताबिक इससे इस बार कपास की पैदावार घटने का खतरा है।

जोधपुर स्थित साउथ एशिया बायोटेक्नोलॉजी सेंटर (SABC) ने KVK बनवासी के सहयोग से ‘प्रोजेक्ट बंधन’ के तहत किए सर्वे में इस रोग की पुष्टि की है। सर्वे में कुरनूल और रायलसीमा के अन्य कपास क्षेत्रों में बाहरी और आंतरिक दोनों तरह के बॉल रॉट पाए गए हैं।

SABC के अध्यक्ष और कपास रोग विशेषज्ञ सीडी माय ने बताया कि एक दशक बाद पहली बार इस बीमारी का आर्थिक दहलीज स्तर (ETL) 20% से ऊपर चला गया है, जिससे इसे गंभीर प्रकोप की श्रेणी में रखा गया है।

कुरनूल जिला सबसे ज्यादा प्रभावित
कुरनूल, आंध्र प्रदेश का एक प्रमुख कपास उत्पादक जिला है। इस साल समय पर हुई बारिश की वजह से राज्य में रिकॉर्ड स्तर पर कपास की बुवाई हुई थी और खरीफ 2025-26 में 3.39 लाख हेक्टेयर में कपास बोया गया। लेकिन लगातार दो साल तक गुलाबी सुंडी (Pink Bollworm) से प्रभावित फसल के बाद अब बॉल रॉट का प्रकोप किसानों के आत्मविश्वास को और कमजोर कर रहा है। KVK बनवासी के वैज्ञानिकों के अनुसार, कई क्षेत्रों में पौधों के झुकने की शिकायतें मिल रही हैं। किसानों को रोगनाशक दवाओं का छिड़काव करने की सलाह दी गई है।

पैदावार पर असर और शोध की जरूरत
SABC के संस्थापक निदेशक भागीरथ चौधरी ने कहा कि बॉल रॉट अब कभी-कभार होने वाली बीमारी नहीं रही, बल्कि यह उत्पादन के लिए गंभीर बाधा बन चुकी है। इस साल इससे 15–20% तक पैदावार घटने का खतरा है। उन्होंने सुझाव दिया कि वैज्ञानिकों को तुरंत रोग-रोधी कपास की किस्मों के विकास और जीनोम एडिटिंग जैसी आधुनिक तकनीकों पर ध्यान देना चाहिए।

कॉटन ब्रोकर एसोसिएशन ने क्या कहा?
ऑल इंडिया कॉटन ब्रोकर एसोसिएशन के उपाध्यक्ष रामानुज दास बूभ ने बताया कि कुरनूल के कुछ हिस्सों में जल्दी बोई गई फसल में बॉल रॉट के लक्षण जरूर दिखे हैं, लेकिन कुल मिलाकर कपास की फसल की स्थिति अभी भी संतोषजनक है। उनके अनुसार, समग्र रूप से इस बार कपास की फसल की हालत अच्छी है और बड़े पैमाने पर असर की संभावना कम है।
 
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