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Home› Khabar Junction› Up Ranks Number 1 In The Country For Farmer Registry 1 44 Crore Farmers Have Received A Digital Identity

1.05 करोड़ घरौनी और 1.44 करोड़ फार्मर आईडी : डिजिटल पहचान-पुख्ता कागजातों से मजबूत हुई UP के गांवों की तस्वीर

गांव जंक्शन डेस्क, रायपुर Published by: Devesh Saraswat Updated Fri, 23 Oct 2026 04:03 PM IST
सार

  • उत्तर प्रदेश में अब तक 1.05 करोड़ से अधिक घरौनियों का निर्माण और वितरण पूरा हो चुका है।
  • फार्मर रजिस्ट्री के तहत प्रदेश के 1.44 करोड़ से ज्यादा किसानों का पंजीकरण किया गया है।
  • सरकारी आंकड़ों के अनुसार, फार्मर रजिस्ट्री के मामले में उत्तर प्रदेश देश में पहले स्थान पर है।
  • सीएम कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के तहत अब सहायता राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खाते में भेजी जा रही है।

ग्रामीण यूपी में राजस्व सुधार की कड़ी में स्वामित्व योजना अहम पहल साबित हुई।
ग्रामीण यूपी में राजस्व सुधार की कड़ी में स्वामित्व योजना अहम पहल साबित हुई। - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश में राजस्व विभाग ने अब तक 1.05 करोड़ से ज्यादा घरौनी बनाने और वितरण का काम पूरा किया है। सरकार का कहना है कि अब विभाग पहले की तरह मात्र जमीन का रिकॉर्ड सुरक्षित रखने के बजाय ग्रामीण परिवारों को उनके घरों के कानूनी दस्तावेज सौंपने, किसानों की डिजिटल पहचान तैयार करने और सरकारी आर्थिक सहायता को सीधे उन तक पहुंचाने का भी जोर दे रहा है। प्रदेश के 1.44 करोड़ से अधिक किसानों को फार्मर रजिस्ट्री के तहत पंजीकरण भी पूरा हो चुका है।

जानकारों के अनुसार, जमीन के कागजात होने से ग्रामीणों की संस्थागत ऋण तक पहुंच में सुधार होता है। वहीं, फार्मर आईडी किसानों को डिजिटल पहचाने देकर सरकारी योजनाओं, खाद वितरण और एमएसपी खरीद जैसे मोर्चों पर पारदर्शिता बढ़ाने का वादा करती है।

स्वामित्व योजना का असर, 1.05 करोड़ से अधिक ग्रामीण परिवारों को मिले आवासीय संपत्ति के दस्तावेज
विभाग के अनुसार, ग्रामीण क्षेत्रों में राजस्व सुधारों के लिए स्वामित्व योजना एक अहम पहल साबित हुई है। इसके माध्यम से गांवों की आवासीय संपत्तियों की पहचान की गई है और उनका रिकॉर्ड तैयार किया गया है। अब तक एक करोड़ पांच लाख से अधिक घरौनियों का निर्माण और वितरण हो चुका है। इससे ग्रामीण परिवारों को अपनी आवासीय संपत्ति का पुख्ता विवरण और दस्तावेज मिल सका है। आंकड़ों के मुताबिक, साल 2017 से पहले घरौनी निर्माण के मामले में उपलब्धि शून्य थी और विभाग केवल कार्यालय आधारित पुरानी प्रक्रियाओं पर ही निर्भर था।

फार्मर रजिस्ट्री में UP देश में नंबर वन, 1.44 करोड़ से ज्यादा किसानों का हुआ पंजीकरण
किसानों से जुड़ी सभी जानकारियों को एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाने के लिए 'फार्मर रजिस्ट्री' का विस्तार किया गया है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में अब तक 1 करोड़ 44 लाख से ज्यादा फार्मर रजिस्ट्री की जा चुकी हैं। इस आंकड़े के साथ उत्तर प्रदेश इस मामले में देश में पहले स्थान पर है। सरकार के मुताबिक, इस डिजिटल रिकॉर्ड से किसानों की पहचान करने और विभिन्न कृषि योजनाओं के लिए उनकी पात्रता जांचने में आसानी होगी। वर्ष 2017 से पहले इस व्यवस्था में भी कोई काम नहीं हुआ था, इसलिए इस नई पहल को किसानों के विवरण को व्यवस्थित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है।

कृषक दुर्घटना सहायता अब सीधे बैंक खाते में
राजस्व विभाग की सेवाओं को सरल बनाने के क्रम में सीएम कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के संचालन में भी अहम बदलाव किया गया है। पहले इस योजना का संचालन बीमा कंपनियों के जरिए होता था, लेकिन अब जिलाधिकारी (डीएम) के माध्यम से सहायता राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जा रही है। इससे प्रशासनिक प्रक्रिया काफी प्रत्यक्ष और आसान हो गई है।

सरकार के अनुसार, जाति प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया को भी सरल किया गया है। अब इसे आधार कार्ड से लिंक कर दिया गया है। नई व्यवस्था के तहत अगर परिवार के किसी एक सदस्य का जाति प्रमाणपत्र बन चुका है, तो घर के अन्य पात्र सदस्यों को कम दस्तावेजों की जरूरत पड़ेगी। वहीं, जनता की शिकायतों के समाधान के लिए आईजीआरएस के माध्यम से निगरानी की जा रही है। शिकायतों के निपटारे को प्रभावी बनाने के लिए विभिन्न स्तरों पर क्रॉस चेकिंग हो रही है और खुद सीएम कार्यालय से इसकी निगरानी हो रही है।


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