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Bio Fuel: इथेनॉल उत्पादन में अग्रणी बना यूपी, इथेनॉल से जुड़ी गन्ना अर्थव्यवस्था हुई 50 हजार करोड़

गांव जंक्शन डेस्क, लखनऊ Published by: Umashankar Mishra Updated Wed, 26 Mar 2025 04:40 PM IST
सार

यूपी इथेनॉल उत्पादन में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो गया है। यूपी ने इथेनॉल उत्पादन में सालाना 2 अरब लीटर की अनुमानित क्षमता विकसित कर ली है, जिसे आगामी वर्षों में 2.5 अरब लीटर प्रतिवर्ष तक पहुंचाने का लक्ष्य है। इथेनॉल उत्पादन से एकीकृत वार्षिक गन्ना अर्थव्यवस्था 50 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच गई है।

यूपी ने सालाना 2 अरब लीटर इथेनॉल उत्पादन की क्षमता विकसित कर ली है।
यूपी ने सालाना 2 अरब लीटर इथेनॉल उत्पादन की क्षमता विकसित कर ली है। - फोटो : प्रतीकात्मक
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने 8 साल के कार्यकाल में जैव ईंधन इथेनॉल के उत्पादन पर विशेष जोर दिया है। इसके चलते यूपी अब इथेनॉल उत्पादन के मामले में अग्रणी राज्य बन चुका है। इथेनॉल उत्पादन में बढ़ोतरी कर इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल (ईबीपी) के प्रयोग से 2070 तक प्रदेश को शुद्ध – शून्य उत्सर्जन तक पहुंचाने के साथ एकीकृत गन्ना अर्थव्यवस्था को भी 50 हजार करोड़ तक पहुंचाने का लक्ष्य है। 

सालाना 2 अरब लीटर इथेनॉल उत्पादन 
यूपी ने इथेनॉल उत्पादन में 2 अरब लीटर प्रतिवर्ष की अनुमानित क्षमता विकसित कर ली है, जिसे आगामी वर्षों में 2.5 अरब लीटर प्रति वर्ष तक पहुंचाने का लक्ष्य है। इसके लिए, जहां एक ओर प्रदेश की कई चीनी मिलों में इथेनॉल उत्पादन में वृद्धि की गई है, वहीं दूसरी ओर गोंडा जिले में एशिया का सबसे बड़े इथेनॉल प्लांट विकसित किया गया है।

प्रदेश की अधिकांश चीनी मिलों में इथेनॉल उत्पादन की क्षमता में वृद्वि की गई है। साथ ही, गोंडा जिले में एशिया का सबसे बड़ी इथेनॉल प्लांट वर्ष 2022 में स्थापित किया गया है। जो कि वर्तमान में 350 किलो लीटर इथेनॉल का प्रतिदिन उत्पादन कर रहा है। इसके अलावा, गोरखपुर की पिपराइच चीनी मिल में भी जल्द ही इथेनॉल उत्पादन शुरू हो जाएगा।

 50 हजार करोड़ की गन्ना एकीकृत अर्थव्यवस्था 
एथनॉल उत्पादन में वृद्धि के साथ जहां एक ओर प्रदेश वर्ष 2070 तक शुद्ध - शून्य उत्सर्जन के लक्ष्य को प्राप्त करने में तेजी से बढ़ रहा है। इसके साथ ही सीएम योगी के मार्गदर्शन में बनी बयो फ्यूल-2022 की नीति के तहत प्रदेश में एथनॉल मिश्रित ईबीपी के प्रयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है। वहीं दूसरी ओर प्रदेश की गन्ने से बनी एथनॉल ने एकीकृत गन्ना अर्थव्यवस्था को भी 50 हजार करोड़ रुपए तक पहुंचाया है। इससे न केवल प्रदेश के गन्ना किसानों की आय में उत्तरोत्तर वृद्धि हुई है, साथ ही प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी वन ट्रिलियन इकॉनमी बनने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।
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